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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जल शक्ति विभाग घोटाला मामले में पैसों का हेरफेर नहीं, बल्कि इस वजह से बिगड़ा मामला; 10 अधिकारी हुए थे निलंबित

Updated: Mon, 06 Jan 2025 03:21 PM (IST)

जल शक्ति विभाग में हुए घोटाले में एक नया मोड़ सामने आया है। जिसमें पता चला है कि इस मामले में पैसों का हेरफेर नहीं हुआ था बल्कि टैंकरों के फेरों और नं ...और पढ़ें

जल शक्ति विभाग घोटाला मामले में 10 अधिकारी हुए थे निलंबित (फाइल फोटो)
जल शक्ति विभाग घोटाला मामले में 10 अधिकारी हुए थे निलंबित (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नागोधार व करयाली में टैंकर से नहीं स्टोरेज टैंक से की गई है आपूर्ति
  2. 819 किलोमीटर दूर एक नहीं दो पिकअप से की है आपूर्ति
  3. फील्ड, आउटसोर्स कर्मचारियों व पंचायत प्रतिनिधियों के होते थे हस्ताक्षर

जागरण संवाददाता, शिमला। जल शक्ति विभाग की ओर से भले ही ठियोग में पानी के घोटाले के मामले में 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया, लेकिन विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में पैसे का हेरफेर नहीं हुआ है। इसमें महज नंबरों को लिखने व टैंकरों के फेरों में हेरफेर की बात को विभागीय जांच में स्वीकारा है।

विभागीय जांच सहायक अभियंता कोटी व ठियोग की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि टैंकर से नागोधार व करयाली में पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। वहां पर आपूर्ति स्टोरेज टैंक से की है।

लगा था ये आरोप

एक पिकअप के एक ही दिन में 819 किलोमीटर दूरी पर भी पानी की आपूर्ति करने के मामले के लगे आरोप में बताया कि ये एक नहीं बल्कि दो पिकअप थीं। इसमें पिकअप का नंबर एचपी 62ए 2777 व दूसरी का नंबर एचपी 63ए 4777 था। एकतरफा फेरे में ही टैंकर 63 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा था। वहां से आगे पानी की सप्लाई गांव में पिकअप से दी जा रही है। 1,06,000 लीटर पानी की आपूर्ति बिशरी गांव में की गई थी। बिशरी गांव में मेले के दौरान यह पानी की सप्लाई की गई थी।

10 अधिकारियों का हुआ था निलंबन

विभाग के अधीक्षण अभियंता की ओर से रिपोर्ट सौंपी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर 10 अधिकारियों का निलंबन हुआ है व पूरे मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी है। अब इस मामले में भविष्य में फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा मंडराता दिख रहा है।

रिपोर्ट में साफ किया है कि इन टैंकरों के पहुंचने पर फील्ड कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी व पंचायत प्रतिनिधि इस पर हस्ताक्षर कर रहे थे। इससे साफ है कि आने वाले समय में इस मामले में जांच के दायरे में और लोग भी आ सकते हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह हुई नंबरों में गलती

नोट किया नंबर असली नंबर
एचपी 63सी 5101 एचपी 12ई 5101
एचपी 62बी 0122 एचपी 62डी 0122
एचपी 63सी 3422 एचपी 63सी 3352

एचपी 63ई 4777

एचपी 63सी 4777

एचपी 63ई 2777

एचपी 62ए 2777

एचपी 63 2878

एचपी 63ई 2878

एचपी 63सी 3898

एचपी 63 3898

एचपी 09सी 1199

एचपी 09सी 1198

एचपी 63सी 2877

एचपी 63ई 2877

एचपी 63सी 6700

एचपी 63ए 7600

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