IGMC शिमला में गाड़ी हटाने को लेकर बवाल, मरीज से मिलने आए युवकों ने सुरक्षाकर्मी पीटा
आईजीएमसी शिमला में देर रात गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में मरीज से मिलने आए युवकों ने सुरक्षाकर्मी से मारपीट की। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस ...और पढ़ें

आईजीएमसी शिमला में गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद सुरक्षाकर्मी से मारपीट का मामला।
HighLights
आईजीएमसी में गाड़ी हटाने को लेकर विवाद
मरीज के परिजनों ने सुरक्षाकर्मी से मारपीट की
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जागरण संवाददाता, शिमला। आईजीएमसी में रविवार देर रात गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। मरीज से मिलने आए कुछ युवकों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट कर दी।
आरोप है कि अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ी को हटाने के लिए कहने पर युवक भड़क गए और सुरक्षाकर्मी से बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवकों ने सुरक्षाकर्मी को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। घटना आधी रात के समय आईजीएमसी के पुराने इमरजेंसी परिसर में हुई।
कुछ युवक गाड़ी लेकर मरीज से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्यूटी कर रहे कर्मी ने उन्हें गाड़ी वहां से हटाने के लिए कहा। इस पर युवकों ने आपत्ति जताई और कहा कि वे मरीज से मिलने आए हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
सुरक्षाकर्मी को कई थप्पड़ मारे गए। अचानक हुए घटनाक्रम से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। सुरक्षाकर्मी ने इस मामले की शिकायत अस्पताल के एमएम डॉक्टर राहुल राव को भी दी है।
ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी से मारपीट पर सवाल
आईजीएमसी में सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने की है। पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मी लोगों को गाड़ियां हटाने या निर्धारित स्थान पर खड़ी करने के लिए कहते हैं। ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट की घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
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रात में सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता
आईजीएमसी में दिन-रात मरीजों और स्वजन की आवाजाही रहती है। रात के समय भी अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों के साथ विवाद और मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि रात के समय अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा और सहयोग मिल रहा है या नहीं।