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हिमाचल प्रदेश के 70 हजार टैक्सी ऑपरेटर के लिए बड़ी राहत, सरकार ने परमिट की वैधता बढ़ाई

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Mon, 23 Feb 2026 05:51 PM (IST)

केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 से बढ़ाकर 15 साल कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। इससे हिमाचल प्रदेश के 70 हजार सहित देशभर के टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत मिलेगी।

HighLights

  1. टैक्सी परमिट की वैधता 12 से 15 साल हुई।

  2. हिमाचल के 70 हजार ऑपरेटरों को मिली राहत।

  3. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उठाया था मुद्दा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्र सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत दी है। टैक्सी परमिट की  वैधता को 15 साल कर दिया है। पहले यह वैधता केवल 12 साल की थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। राज्यों को सूचित कर दिया गया है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल के 70 हजार टैक्सी आपरेटरों को बड़ी राहत मिली है। यह नियम पहली अप्रैल से लागू हो जाएगा।

डिप्टी सीएम ने उठाया था केंद्र से मामला

हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर पिछले कई समय से प्रदेश सरकार व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग कर रहे थे कि परमिट की वैधता 15 साल की जाए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई बार यह मामला उठाया।

हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने इस दौरान टैक्सी आपरेटरों को पेश आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया था। केंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया था जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। 

पहले क्या थी स्थिति

अभी तक टैक्सी वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष थी, जबकि उन्हें जो परमिट जारी किया जाता था, वह 12 वर्ष का था। इससे विसंगति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने से टैक्सी और टैक्सी परमिट/दोनों की वैधता 15 वर्ष हो जाएगी। आपरेटरों को बार बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।  

केंद्र के समक्ष उठाया था मामला, आपरेटरों को होगा फायदा : मुकेश

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इसमें सफलता मिली है। केंद्र के इस फैसले से हिमाचल सहित देशभर के टैक्सी आपरेटरों को फायदा मिलेगा।

हिमाचल में कुल 24,48,291 वाहन

हिमाचल परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 24,48,291 वाहन पंजीकृत है। इनमें 70 हजार टैक्सियां शामिल है। आपरेटर पिछले काफी समय से यह मांग उठा रहे थे। इस पर निर्णय केंद्र सरकार को लेना था। कई टैक्सियों की कीमत 20 से 30 लाख के करीब है। बैंक से लोन लेकर ज्यादातर आपरेटर टैक्सी लेते हैं। आठ से 10 साल में बैंक का लोन चुका पाते है। जब गाड़ी कमाई करना शुरू करती है तो परमिट खत्म हो जाता है। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी।

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