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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुक्खू के एक साल का कार्यकाल नाकामियों का दस्तावेज, हिमाचल में बिहार जैसी स्थिति से इनकार नहीं : जयराम ठाकुर

    Updated: Mon, 29 Jan 2024 10:11 PM (IST)

    जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर और गारंटियों के सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस की सुखविंदर सि ...और पढ़ें

    हिमाचल में बिहार जैसी स्थिति से इनकार नहीं : जयराम ठाकुर
    हिमाचल में बिहार जैसी स्थिति से इनकार नहीं : जयराम ठाकुर

    HighLights

    1. हिमाचल में बिहार जैसी स्थिति से इंकार नहीं, राजनीति में बनी रहती है हर बात की संभावनाएं
    2. तालमेल की कमी और चहेतों को कैबिनेट रैंक बांटने के लिए जाने जाएंगे मुख्यमंत्री
    3. शिक्षकों को विदेश भेजने के लिए बनाए नियमों पर भी नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

    जागरण संवाददाता, शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर और गारंटियों के सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल नाकामियों का दस्तावेज है। संगठन हो या सरकार, तालमेल का अभूतपूर्व अभाव देखने में आ रहा है। शिक्षा हिमाचल प्रदेश का ऐसा विषय है, जिससे हर घर जुड़ा है। 

    शिक्षा बोर्ड में लापरवाही

    किंतु शिक्षा की प्राथमिकता यह है कि विदेश में शिक्षक भेजने में भी एक कथित मानदंड बनाया गया है। जिसमें और सबकुछ है किंतु कोरोना काल में हर घर पाठशाला के माध्यम से घर-घर तक शिक्षा देने वालों का जिक्र ही नहीं है। केवल अवार्ड के सर्वाधिक नंबर रखे गए हैं। शिक्षा बोर्ड को आज तक एक अध्यक्ष नहीं मिला। बोर्ड में लापरवाही की स्थिति वह है कि सुबह होने वाली परीक्षाओं के आगे रात्रिकालीन समय लिखा है। 

    मेडिकल कॉलेज में महत्वपूर्ण जांच के लिए अप्रैल की तारीख मिल रही

    एक ओर प्रधानमंत्री देशभर के बच्चों के साथ परीक्षा से पूर्व इसलिए बात करते हैं ताकि विद्यार्थी तनाव या अवसाद में न रहें किंतु हिमाचल प्रदेश में वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट ही ऐसी बनाई है कि बच्चा सिर न उठा सके। स्वास्थ्य की स्थिति यह है कि आइजीएमसी और टांडा के मेडिकल कॉलेज में महत्वपूर्ण जांच के लिए मरीजों को अप्रैल की तारीख मिल रही है। उद्योगों का आलम यह है कि वे पलायन कर रहे हैं ।

    कांग्रेस की बैठकें शोक सभाएं हैं

    जयराम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि अब कांग्रेस के विधायक भी सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि कांग्रेस की बैठकें शोक सभाएं हैं और चुने हुए लोगों को हटा कर अन्य को मूंगफलियों की तरह कैबिनेट रैंक बांटे गए हैं। साथ ही हिमाचल में बिहार की तर्ज पर कुछ होने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजनीति में हर बात की संभावनाएं बनी रहती है। किसी से इंकार नहीं किया जा सकता है। हिमाचल में भी कांग्रेस के लिए स्थिति ज्यादा अनुकूल नहीं हैं। इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है। बिहार में एनडीए की सरकार का स्वागत किया।

    खबरें और भी

    मंडी में मंत्रियों के दौरे में प्रशासन व्यस्त, जनता त्रस्त

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंडी जिला में मंत्रियों के दौरे हैं। प्रशासन इसमें व्यस्त है। आम जनता के काम रुके हैं। विकास के कार्यों का निरीक्षण करने के समय नहीं हैं। इस कार्यक्रम को एक साल पहले शुरू करते तो अभी तक पूरे हो जाते, इसमें जल्दबाजी क्यों की जा रही है।