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    हिमाचल के 6 सरकारी स्कूल बनेंगे राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग, छात्रों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:51 PM (IST)

    हिमाचल सरकार छह सरकारी स्कूलों को राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल में अपग्रेड करेगी। इससे ग्रामीण छात्रों को निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं और ब ...और पढ़ें

    हिमाचल के छह सरकारी स्कूल बनेंगे राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल।

    हिमाचल के छह सरकारी स्कूल बनेंगे राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल।

    HighLights

    1. छह सरकारी स्कूल बनेंगे राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग।

    2. ग्रामीण छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और बेहतर माहौल।

    3. स्मार्ट कक्षाएं, खेल मैदान, पौष्टिक भोजन जैसी सुविधाएँ।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में सुक्खू सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के छह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में स्तरोन्नत किया जाएगा।

    इन स्कूलों में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाया जाएगा। स्तरोन्नति के लिए चयनित स्कूलों में करसोग का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई), रामपुर बुशहर का राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई), रोहड़ू का राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (एचपीबीओएसई), चौपाल का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई), श्री रेणुका जी के नौहराधार का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई) और ऊना विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहडाला शामिल हैं।

    इन मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों में हाईटेक स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, पौष्टिक भोजन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल स्कूल भवनों को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल, व्यक्तित्व विकास और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाना है।

    निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर लौटे 24 हजार विद्यार्थी

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

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    मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी स्कूलों से करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। सरकार इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में लोगों के बढ़ते विश्वास के तौर पर देख रही है। सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के बाद भी विद्यार्थियों और अभिभावकों की रुचि बढ़ने का दावा किया गया है।