शिमला में जानलेवा हुए बंदर: हमले में घायल महिला की 6 दिन बाद IGMC में मौत, पानी की टंकी देखने गई थी छत पर
शिमला के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई 63 वर्षीय महिला सत्या देवी की ...और पढ़ें

शिमला में बंदरों के हमले में छत से गिरकर घायल हुई महिला की मौत हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
शिमला में बंदरों के हमले से महिला की मौत।
छत पर पानी की टंकी देखते समय हुआ हमला।
छह दिन तक अस्पताल में जिंदगी से लड़ी महिला।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला पर बंदरों के झुंड ने उस समय हमला किया था, जब वह मकान की छत पर गई थी। हमले से घबराकर वह छत से नीचे आंगन में गिर गई थी। गंभीर हालत में उसे आईजीएमसी के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था।
63 वर्षीय सत्या देवी रविवार सुबह करीब 7:30 बजे मकान की छत पर रखी पानी की टंकियां देखने गई थीं। इसी दौरान छत पर मौजूद बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह संभल नहीं पाईं और छत से आंगन में जा गिरीं।
हादसे में उनके सीने में गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून भी बह गया था। सांस लेने में परेशानी के चलते उन्हें आइजीएमसी के आईसीयू में भर्ती किया गया था।
6 दिन बाद तोड़ दिया दम
लगभग छह दिन तक अस्पताल में वे जिंदगी से लड़ती रही, लेकिन शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका परिवार उनके शव को लेकर अर्की रवाना हो गया।
समिट्री क्षेत्र में बंदरों की दहशत
स्थानीय लोगों का कहना है कि समिट्री क्षेत्र में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। बंदरों के झुंड आए दिन घरों की छतों और रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
बंदरों का आतंक बन रहा जानलेवा
शिमला शहर में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। इससे पहले भी बंदरों के हमले के बाद गिरने से लोगों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं।
क्या कहना है पार्षद का
स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि वन विभाग बंदरों पर कार्रवाई कर नहीं रहा है, नगर निगम पहले ही इन्हें नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं करता है। शहर की जनता असहाय महसूस कर रही है। इसे राहत दिलाने के लिए सभी को मिलकर काम करन चाहिए।
