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आधार लिंक नहीं होने से हिमाचल में 38 हजार से अधिक छात्रों की स्कॉलरशिप फंसी, नहीं पूरी हो सकी सीडिंग प्रक्रिया

Published: Tue, 13 Oct 2026 08:33 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में 38,720 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति आधार से बैंक खाते लिंक न होने के कारण अटक गई है। उच्च ...और पढ़ें

आधार से लिंक नहीं बैंक खाते, केंद्र ने रोकी छात्रवृत्ति।

आधार से लिंक नहीं बैंक खाते, केंद्र ने रोकी छात्रवृत्ति।

HighLights

  1. 38,720 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति आधार लिंक न होने से अटकी।

  2. उच्च शिक्षा निदेशालय ने 15 दिन में आधार सीडिंग के निर्देश दिए।

  3. संस्थान प्रमुखों, नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होने के कारण 38,720 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति अटक गई है। छह प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत चार शैक्षणिक सत्रों के लंबित मामलों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी शामिल हैं।

शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार निर्देश जारी करने के बावजूद बैंक खातों की आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक सहायता के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

15 दिन के अंदर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब शिक्षण संस्थानों को 15 दिन के भीतर आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संस्थान प्रमुखों और नोडल अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। विद्यार्थियों के आवेदन सत्यापन के विभिन्न चरणों से गुजरने के बावजूद बैंक खातों से जुड़ी कमियों के कारण भुगतान आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

2024-25 के 20,120 मामले लंबित

निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 20,120 मामले शैक्षणिक सत्र 2024-25 के हैं। सत्र 2025-26 के 12,084, वर्ष 2023-24 के 3,654 और 2022-23 के 2,862 मामले लंबित हैं। इन मामलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के साथ पीएम-यशस्वी योजना के आवेदन शामिल हैं।

वर्ष 2024-25 में पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के 9,694 और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के 7,131 मामले लंबित हैं। कई आवेदन संस्थान और राज्य स्तर पर सत्यापित हो चुके हैं, लेकिन बैंक खातों में आधार सीडिंग नहीं होने से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।

एनएसपी पर भी भुगतान संबंधी अड़चनें

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर भुगतान रिकॉर्ड से संबंधित समस्याएं भी सामने आई हैं। पोर्टल पर पुराने भुगतान लॉग हटने और वर्ष 2022-23 के लिए भुगतान प्रक्रिया प्रतिबंधित होने से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के केंद्रांश से संबंधित डेटा आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

बैंक खातों की जांच के निर्देश

उच्च शिक्षा निदेशालय ने संस्थानों को विद्यार्थियों के बैंक खातों की स्थिति जांचने, आधार सीडिंग की कमियां दूर करवाने और जरूरत पड़ने पर विशेष शिविर लगाने को कहा है। विद्यार्थियों को भी बैंक से संपर्क कर आधार सीडिंग और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) मैपिंग की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। अब संस्थानों को 15 दिन में प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी।