हिमाचल में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दी गई 34 हजार रुपये की ट्रेनी नौकरी, सरकार के आदेश पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश में एक सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को 34 हजार रुपये मासिक मानदेय पर जॉब ट्रेनी नियुक्त किया गया है। इस आदेश ने चिकित्सा क्षेत्र में नियुक्ति ...और पढ़ें
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हिमाचल में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को ट्रेनी बनाने पर उठे सवाल।
HighLights
डॉ. कुनाल शर्मा को जॉब ट्रेनी नियुक्त किया गया।
सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को 34 हजार रुपये मानदेय मिलेगा।
नियुक्ति पर चिकित्सा क्षेत्र में गंभीर सवाल उठे।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा शिक्षा हासिल करने वाले डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर सरकार के एक आदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है। आईजीएमसी शिमला से एमसीएच (सुपर स्पेशलिटी) की पढ़ाई पूरी करने वाले मेडिकल ऑफिसर) डॉ. कुनाल शर्मा को सरकार ने जॉब ट्रेनी के तौर पर नियुक्त किया है। उन्हें अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस) चमियाना में तैनाती दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से सात अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार डॉ. कुनाल शर्मा की नियुक्ति स्टॉप-गैप व्यवस्था के तहत प्रारंभिक तौर पर एक वर्ष के लिए की गई है। आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से एआईएमएसएस चमियाना में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। ज्वाइनिंग के बाद इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी।
34 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेगा मानदेय
सरकार के आदेश के मुताबिक जॉब ट्रेनी के तौर पर नियुक्त डॉ. कुनाल शर्मा को 34 हजार रुपये प्रतिमाह शुरुआती मानदेय दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकार के प्रचलित नियमों के तहत प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
नियुक्ति को विभिन्न निर्धारित शर्तों के अधीन रखा गया है। नियुक्ति फिलहाल नियमित नियुक्ति नहीं है और इसे स्टॉप-गैप व्यवस्था के तहत किया गया है। इससे पहले भी न्यूरो विभाग में डॉ. अक्षय को ऐसी ही नियुक्ति दी थी, उन्होंने इसे ज्वाइन करने की बजाय अपने राज्य में ज्वाइन किया है।
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एमसीएच जैसी उच्च विशेषज्ञता के बाद ट्रेनी नियुक्ति पर सवाल
सरकार का यह आदेश सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में नियुक्ति की प्रक्रिया और मानदेय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एमसीएच यानी मास्टर ऑफ चिरुर्जिया सुपर स्पेशलिटी स्तर की चिकित्सा डिग्री है। इसे हासिल करने के लिए मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञता के लंबे प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है। ऐसे में एमसीएच पूरी करने वाले डॉक्टर को जॉब ट्रेनी के तौर पर नियुक्त कर 34 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप पद और वेतनमान नहीं मिलेगा तो इससे प्रदेश में उच्च विशेषज्ञता वाले चिकित्सकों को रोकने की नीति पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
तत्काल ज्वाइनिंग के निर्देश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव आशीष सिंहमार की ओर से जारी आदेश में डॉ. कुनाल शर्मा को बिना विलंब एआईएमएसएस चमियाना में कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। उन्हें ज्वाइनिंग रिपोर्ट भी विभाग को भेजनी होगी।