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'CM सुक्खू का व्यवहार ऐसा नहीं कि उनके साथ कहीं जा सकें', जयराम की नसीहत; RDG का रोना छोड़कर वित्तीय प्रबंधन सुधारें

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Thu, 19 Feb 2026 04:08 PM (IST)

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू के व्यवहार और वित्तीय कुप्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र को कोसकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि हिमाचल को केंद्र से भरपूर सहयोग मिल रहा है।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सुक्खू के व्यवहार पर जयराम ठाकुर की टिप्पणी।

  2. हिमाचल के वित्तीय कुप्रबंधन के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार।

  3. केंद्र को दोष देने के बजाय वित्तीय प्रबंधन सुधारने की सलाह।

जागरण संवाददाता, शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार ऐसा नहीं हैं कि उनके साथ कहीं जाया जा सके। भाजपा के लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि हैं। भाजपा अपने तरीके से केंद्र के समक्ष बात रखेगी। मुख्यमंत्री जिस तरह से केंद्र सरकार को कोसने का काम कर रहे हैं। 

वे महज राजनीति कर रहे हैं, उन्हें हिमाचल से कोई लेना देना नहीं हैं। वे राजनीतिक हित साधने के लिए हिमाचल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका जवाब भी राजनीतिक तौर पर ही दिया जा रहा है। उन्होंने प्रेसवार्ता में दावा किया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से लगातार केंद्र सरकार से भरपूर सहयोग ले रही है।

गंभीर टिप्पणियां कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास

इसके बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। वास्तविक मुद्दा यह नहीं है कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख हुआ या नहीं, बल्कि असली प्रश्न यह है कि जब यह ग्रांट हिमाचल प्रदेश को मिल रही थी, तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट का रोना रो रही थी।

वित्तीय कुप्रबंधन के लिए राज्य सरकार जिम्मेवार

आरडीजी बंद हुई है तो वर्तमान कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन करे और प्रदेश को आगे ले जाए। अपनी नाकामियों का दोष केंद्र या पूर्व सरकारों पर डालना समस्या का समाधान नहीं है। वित्तीय कुप्रबंधन के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेवार है, राज्य वित्तीय आपातकाल की ओर बढ़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होना परंपरा और नियम दोनों का हिस्सा है, सरकार रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पर राजनीतिक प्रस्ताव लाने पर आमादा थी।

आरडीजी बंद होने के पीछे सरकार की भी विफलता

भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ खड़ी है और प्रदेश हित सर्वोपरि है। यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई है तो सरकार को यह भी समझना चाहिए कि अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने में उसकी विफलता भी इसका कारण हो सकती है। केवल राजनीतिक भाषणों से आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए ठोस नीति और वित्तीय अनुशासन आवश्यक है। इतनी बड़ी वित्तीय गतिविधियों के बावजूद सरकार संकट का माहौल क्यों बना रही है। 

सहयोग चाहिए तो व्यवहार लोकतांत्रिक रखना होगा

अंत में जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सहयोग के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन यदि प्रदेश की आर्थिक स्थिति का गलत चित्र प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया तो भाजपा तथ्य और आंकड़ों के साथ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को विपक्ष का सहयोग चाहिए तो उसे व्यवहार भी जिम्मेदार और लोकतांत्रिक रखना होगा। साथ ही दावा किया मोदी सरकार ने पांच गुना ज्यादा मदद राज्य सरकार को दी है। उनके साथ विधायक बलवीर वर्मा, हंसराज, विनोद कुमार व मीडिया प्रभारी करण नंदा मौजूद रहे।

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