हिमाचल यूनिवर्सिटी में ABVP और SFI कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प, कई छात्र घायल; पुलिस ने 5 गिरफ्तार किए
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला परिसर में शनिवार सुबह एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हो गई। इस मारपीट में कई छात्र घायल हुए।
HighLights
शिमला विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं में झड़प हुई।
सुबह करीब पौने नौ बजे हुई मारपीट में कई छात्र घायल हुए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, मामले में कार्रवाई जारी है।
जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के परिसर में शनिवार को सुबह-सुबह माहौल गरमा गया। छात्र संगठन एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ताओ के बीच मारपीट हो गई। सुबह करीब पौने नौ बजे दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता अचानक आमने-सामने आ गए व दोनों पक्ष में जमकर मारपीट हुई। एसएफआई के करीब 20 कार्यकर्ता और एबीवीपी के करीब 15 कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई। कई छात्रों को चोटें आई हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच बचाव किया। विश्वविद्यालय परिसर में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। दोनों संगठन के कार्यकर्ता के एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
छात्राएं भी थीं शामिल
घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें छात्र गाली-गलौज करते हुए झड़प करते देखे जा सकते हैं। कुछ छात्राएं भी इस संघर्ष में शामिल थीं। मारपीट के दौरान कुछ कार्यकर्ता बचाव करते भी दिखे। देखते ही देखते अचानक छात्र कार्यकर्ता उग्र हो गए।
पांच कार्यकर्ता गिरफ्तार
झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कुछ छात्रों को मामूली चोटें आई हैं। छात्राएं भी मौके पर भिड़ी है। पुलिस की ओर से इन छात्रों का चिकित्सीय परीक्षण करवाया जा रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में विवाद को बढ़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल पांच छात्रों को निवारक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की हिंसा और उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं से भी बदसलूकी : एबीवीपी
एबीवीपी के अंकुश ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उनके कई छात्र कार्यकर्ता घायल हुए हैं और छात्रा कार्यकर्ताओं के साथ भी मारपीट की गई है। विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेने का समान अधिकार है। किसी भी विद्यार्थी, विशेषकर छात्राओं के साथ कथित मारपीट की घटना को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रात को भी हुआ संघर्ष : एसएफआई
दूसरी तरफ एसएफआई ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी का हमला छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि 186 नियुक्तियों की न्यायिक जांच का संघर्ष हिंसा से नहीं रुकेगा। एसएफआई ने आरोप लगाया कि पिछली रात चौड़ा मैदान में भी संगठन के कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से छात्राओं पर हमला और बदसलूकी की गई।
