Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की हिमाचल सरकार और राजनीतिक दलों को नसीहत, बताया कैसे आगे बढ़ेगा पहाड़ी राज्य?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 08 Mar 2026 02:12 PM (IST)

    हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने विदाई से पहले राज्य के विकास के लिए मजबूत कार्य संस्कृति और समाज व राजनीतिक दलों के सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. विकास हेतु मजबूत कार्य संस्कृति और सहयोग आवश्यक।

    2. 'नशा मुक्त हिमाचल' में मीडिया की भूमिका सराहनीय।

    3. केंद्र-राज्य समन्वय, संवैधानिक पदों का सम्मान महत्वपूर्ण।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पहाड़ी राज्य के विकास के लिए कार्य संस्कृति को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज और राजनीतिक दल मिलकर काम नहीं करेंगे तो हिमाचल विकास की दौड़ में पीछे रह सकता है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य संस्कृति को अपनाना होगा, तभी हिमाचल आगे बढ़ सकेगा।

    शिमला में मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने प्रदेश के लोगों को करीब से समझने का प्रयास किया है और पाया कि यहां काम करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के अवसरों का विस्तार करना होगा।

    शिव प्रताप शुक्ल अब तेलंगाना के राज्यपाल का कार्यभार संभालेंगे। हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल अब कविंद्र गुप्ता होंगे। शुक्ल कल यानी सोमवार को हिमाचल से रवाना हो जाएंगे। इससे पहले उन्होंने मीडिया से अहम बातचीत की।

    नशा मुक्त हिमाचल में मीडिया की अहम भूमिका रही

    राज्यपाल ने मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि “नशा मुक्त हिमाचल” अभियान को आगे बढ़ाने में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि यदि कहा जाए कि इस अभियान में मीडिया सबसे आगे रहा है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने मीडिया से सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को भी समय-समय पर उठाने की अपील की, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके।

    केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें

    राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने जीएसटी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पांच वर्षों तक राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई की, लेकिन अब राज्यों को अपने संसाधनों के बल पर खड़ा होना होगा।

    सरकार से टकराव पर भी बोले शुक्ल

    लोकभवन और राज्य सरकार के बीच टकराव के सवाल पर राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए मामलों पर संवैधानिक दायरे में रहते हुए कार्रवाई की गई है और कई मामलों में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर होता है।

    खबरें और भी

    संवैधानिक पदों का सम्मान राजनीति से ऊपर हो

    पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़े सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और उनके स्वागत में यदि कोई राज्य सरकार शामिल नहीं होती है तो यह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल में बलिदानी की बेटी बनी लेफ्टिनेंट, कारपोरेट नौकरी को ठुकराकर चुनी पिता की विरासत