विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Himachal Weather 8th October: हिमाचल में आज 4 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, ओलावृष्टि और बर्फबारी से नुकसान

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 08 Oct 2026 06:46 AM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 11:02 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम के तेवर डरावने हैं, 8 और 9 अक्टूबर को कई ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।

हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।

HighLights

  1. हिमाचल में 8-9 अक्टूबर को बारिश-आंधी का येलो अलर्ट।

  2. किन्नौर में ओलावृष्टि से फसलें और पशु चारा बर्बाद।

  3. लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान।

राज्य ब्यूरो, शिमला। पहाड़ों से मानसून ने भले ही चार दिन पहले विदाई ले ली हो, लेकिन हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर अभी भी डराने वाले हैं। आमतौर पर मानसून के बाद सैलानी और स्थानीय लोग राहत की सांस लेते हैं, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर फिर से आफत मंडरा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 और 9 अक्टूबर के लिए प्रदेश के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

8 अक्टूबर को चार जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में गरज-चमक के साथ बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। 9 अक्टूबर को सोलन, शिमला और सिरमौर में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। 

पालमपुर में सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार रात और बुधवार को बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का दौर चला। बीते 24 घंटों में कांगड़ा के पालमपुर में सबसे अधिक 82.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं शिमला के सराहन में 28.7 मिमी और कुल्लू के कोठी में 19 मिमी बारिश हुई। पालमपुर में 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।

किन्नौर में ओलावृष्टि से बरपा कहर, फसलें और चारा बर्बाद

मौसम की सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। किन्नौर जिले के प्रवेश द्वार (चौरा और तरंडा पंचायत) में भारी ओलावृष्टि ने खेतों में लहलहाती फसलों को तहस-नहस कर दिया है। स्थानीय पारंपरिक फसलें जैसे कोदा, चौलाई, मक्की, दालें और सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। सबसे बड़ी चिंता पशुओं के चारे को लेकर खड़ी हो गई है। पेड़ों पर मौजूद पत्तियां झड़ने से सर्दियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। पंचायत उपप्रधान नरगू सेन और स्थानीय निवासियों (अजेंदर नेगी, भूपेश नेगी) ने सरकार व प्रशासन से नुकसान का जल्द जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

पहाड़ों पर बढ़ी ठिठुरन, कुकुमसेरी सबसे ठंडा

बारिश और बर्फबारी की आहट के बीच प्रदेश में ठंड ने दस्तक दे दी है। लाहुल-स्पीति का कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा केलेग में 3.7 डिग्री, ताबो में 4.9, मनाली में 10.1 और राजधानी शिमला में तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।

यह भी पढ़ें: त्रिउंड ट्रैक पर अब नहीं उमड़ेगी भारी भीड़, वीकेंड के वायरल वीडियो के बाद हिमाचल सरकार ने तय कर दी टूरिस्ट लिमिट