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    हिमाचल प्रदेश में CBSE सब कैडर के लिए परीक्षा पर विरोध तेज, शिक्षक संघ ने सरकार को दिए 8 सुझाव

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 21 Feb 2026 11:40 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा का राजकीय अध्यापक संघ विरोध कर रहा है। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि ...और पढ़ें

    सीबीएसई सब कैडर शिक्षकों की तैनाती के लिए टेस्ट का विरोध तेज हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    सीबीएसई सब कैडर शिक्षकों की तैनाती के लिए टेस्ट का विरोध तेज हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. अध्यापक संघ ने सीबीएसई परीक्षा का कड़ा विरोध किया।

    2. संघ ने सरकार को न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।

    3. योग्य शिक्षकों की परीक्षा न लेने हेतु आठ सुझाव दिए।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही चयन परीक्षा का विरोध तेज हो गया है। राजकीय अध्यापक संघ ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि चयन के लिए परीक्षा आयोजित की गई, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

    शिमला में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव तिलक नायक, जिला शिमला के प्रधान ताराचंद शर्मा और वेब सचिव तिलक नायक ने कहा कि नई व्यवस्था के खिलाफ शिक्षकों में गहरा रोष है।

    लिखित सुझाव दिए संघ ने

    संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और निदेशक शिक्षा को लिखित सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की योग्यता की जांच के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट जैसी कोई व्यवस्था की गई, तो इसका पूरे प्रदेश में विरोध किया जाएगा। चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षक प्रशिक्षण और कमीशन पास कर चुके हैं और वे किसी भी प्रकार के स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए तैयार नहीं हैं।

    शिक्षक टेस्ट के लिए आवेदन न करें

    उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे इस टेस्ट के लिए आवेदन न करें। यदि शिक्षक आवेदन नहीं करेंगे, तो समस्या अपने आप समाप्त हो जाएगी। 

    सरकार को दिए आठ सुझाव

    संघ ने सरकार को आठ सुझाव दिए हैं, जिनमें योग्य शिक्षकों की कार्य कुशलता परखने के लिए परीक्षा न लेने, सीबीएसई विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को एक वर्ष का अवसर देने, और रिक्त पदों को भरने की मांग शामिल है। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी जायज मांगों को स्वीकार करेगी और शिक्षकों को किसी भी प्रकार के टेस्ट के लिए बाध्य नहीं करेगी।

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