हिमाचल प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ाने पर बहस तेज, जनसुनवाई में हुआ खूब हंगामा; अब 24 फरवरी पर टिकी निगाहें
हिमाचल प्रदेश में बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर बहस तेज हो गई है। 24 फरवरी को धर्मशाला में अंतिम जनसुनवाई होगी, जिसके बाद नियामक आयोग फैसला लेगा। शिमला में घरेलू उपभोक्ताओं और बद्दी में उद्योगपतियों ने बढ़ोतरी का विरोध किया है।

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू होंगी। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिजली की प्रस्तावित नई दरों को लेकर बहस तेज हो गई है। राज्य में बिजली दरों के पुनर्निर्धारण के लिए दायर याचिका पर अंतिम जनसुनवाई 24 फरवरी को धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। इससे पहले शिमला में घरेलू उपभोक्ताओं और बद्दी में औद्योगिक उपभोक्ताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब धर्मशाला में होने वाली सुनवाई के बाद नियामक आयोग नई दरों पर अंतिम फैसला लेगा।
उपभोक्ताओं में असंतोष
बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष देखा जा रहा है। शिमला में आयोजित सुनवाई के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं ने दरें न बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ आम परिवारों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
उद्योगपतियों ने भी किया विरोध
वहीं बद्दी में औद्योगिक इकाइयों ने भी दरों में बढ़ोतरी का विरोध किया। उद्योगपतियों का तर्क है कि बिजली दरें बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ेगा और निवेश प्रभावित हो सकता है।
बिजली बोर्ड ने दायर की है याचिका
दरअसल, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने बिजली की बढ़ती मांग और परिचालन लागत का हवाला देते हुए दरों में संशोधन के लिए नियामक आयोग में याचिका दायर की है। बोर्ड का कहना है कि बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण पर आने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए दरों में समायोजन आवश्यक है। इस याचिका पर सुनवाई हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग कर रहा है।
नई दरें अप्रैल से होंगी लागू
आयोग की ओर से तय की जाने वाली नई दरें आगामी वित्तीय वर्ष की पहली अप्रैल से लागू की जानी प्रस्तावित हैं। इसलिए यह सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके आधार पर ही उपभोक्ताओं को अगले साल से कितनी दरों पर बिजली मिलेगी, यह तय होगा।
24 फरवरी की सुनवाई अहम
धर्मशाला में होने वाली अंतिम सुनवाई में विभिन्न उपभोक्ता वर्गों, उद्योग प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के अपने पक्ष रखने की संभावना है। आयोग सभी पक्षों को सुनने के बाद दरों पर अंतिम निर्णय देगा। अब प्रदेश भर की निगाहें 24 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी या दरों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा।

