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    हिमाचल में पैराग्लाइडिंग क्यों बनी जानलेवा? अनुराग ने लोकसभा में रखा हादसों का आंकड़ा, 7 सूत्रीय प्लान भी बताया

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 28 Mar 2026 01:32 PM (IST)

    पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने मनाली और बीड़ बिलिंग जैसे स्थलों प ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में पैराग्लाइडिंग दुर्घटनाओं पर चिंता जताई।

    2. हिमाचल में 6 साल में 30 से अधिक मौतें, कमजोर नियम कारण।

    3. सुरक्षा हेतु 7 मांगें, NASG 2023 को कानूनी दर्जा मिले।

    जागरण टीम, शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एयर स्पोर्ट्स, विशेष रूप से पैराग्लाइडिंग में बढ़ते सुरक्षा संकट के मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान इस दिशा में आकर्षित किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थलों जैसे मनाली व बीड़ बिलिंग में हो रही लगातार दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया, जहां हर साल हजारों पर्यटक आते हैं।

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल और उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल मनाली, बीड़ बिलिंग व अन्य स्थलों में हो रही लगातार दुर्घटनाएं चिंताजनक हैं। पिछले छह वर्षों में अकेले हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग दुर्घटनाओं में 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इनमें बीड़-बिलिंग में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं, जिसमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

    क्यों हो रही घटनाएं

    ये घटनाएं कमजोर नियमों, अपर्याप्त प्रशिक्षित पायलटों, खराब उपकरण मानकों, अप्रत्याशित मौसम स्थितियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी को  दर्शाती हैं। हिमाचल में कांग्रेस सरकार द्वारा कोई सहयोग या समर्थन न दिए जाने के कारण हिमाचल प्रदेश इस वर्ष इंटरनेशनल पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर खो बैठा। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार, पर्यटन आय और अंतरराष्ट्रीय पहचान से वंचित होना पड़ा।

    अनुराग ने सात सूत्रीय प्लान 

    लोकसभा में बोलते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष सात सूत्रीय मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि नेशनल एयर स्पोर्ट्स गाइडलाइंस 2023 (NASG 2023) को तुरंत कानूनी दर्जा दिया जाए, जिसमें सभी हितधारकों, इवेंट आयोजकों, ऑपरेटरों, पायलटों और स्थानीय प्रशासन के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियां और नियमों की अनदेखी पर दंड का प्रावधान हो। 

    लाइसेंसिंग ढांचे की स्थापना

    अनुराग सिंह ठाकुर ने पैराग्लाइडिंग, स्काईडाइविंग और हॉट एयर बैलूनिंग पायलटों के लिए अनिवार्य राष्ट्रीय प्रमाणन और लाइसेंसिंग ढांचे की स्थापना की मांग की, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़ा हो और समय-समय पर री-सर्टिफिकेशन की आवश्यकता हो।

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    ट्रैकर और इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर अनिवार्य हों

    तकनीकी पक्ष पर अनुराग सिंह ठाकुर ने मांग की कि सभी सोलो पायलटों, टेंडेम फ्लाइट्स और हॉट एयर बैलूनों के लिए GAGAN-संगत GNSS ट्रैकर और इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर अनिवार्य किए जाएं, ताकि हिमालयी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भू-भाग में रीयल-टाइम ट्रैकिंग और तेज बचाव संभव हो सके। उन्होंने सभी एयर स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए रीयल-टाइम मौसम निगरानी और अनिवार्य NOTAM (Notice to Airmen) सलाह जारी करने की भी मांग की, साथ ही असुरक्षित मौसम में ऑपरेटरों को उड़ानें रोकने का आदेश दिए जाने संबंधी मांग को भी सदन के समक्ष रखा।

    राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल के लिए मांगा फंड

    अनुराग सिंह ठाकुर ने एक राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से फंडिंग की मांग की, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित प्रशिक्षक तैयार किए जा सकें और हिमाचल प्रदेश की विश्व स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने की क्षमता बढ़ सके।

    सेफ्टी एंड ट्रैकिंग सेल बनाने का प्रस्ताव

    अनुराग सिंह ठाकुर ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय या एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अंतर्गत एक समर्पित नेशनल एयर स्पोर्ट्स सेफ्टी एंड ट्रैकिंग सेल बनाने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका कार्य रीयल-टाइम फ्लाइट मॉनिटरिंग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया टीमों के साथ समन्वय और सुरक्षा उपकरणों का प्रमाणन करना हो। उन्होंने सभी एयर स्पोर्ट्स दुर्घटनाओं की अनिवार्य स्वतंत्र जांच और घायल पायलटों तथा मृतकों के परिवारों के लिए न्यूनतम मुआवजा एवं पुनर्वास प्रोटोकॉल स्थापित करने की भी मांग की।

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