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हिमाचल की 647 पंचायतें नहीं खर्च कर पाईं 14वें वित्त आयोग की राशि, अब अगली किस्त पर पड़ेगा असर; सरकार का अल्टीमेटम

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 09 Jun 2026 06:15 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 09 Jun 2026 11:14 AM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश की 647 पंचायतें 14वें वित्त आयोग का पैसा ही नहीं खर्च कर पाईं। सात साल से यह धनराशि ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में बजट खर्च न कर पाने के कारण आगामी विकास कार्य प्रभावित हो सकते हें।

हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में बजट खर्च न कर पाने के कारण आगामी विकास कार्य प्रभावित हो सकते हें।

HighLights

  1. हिमाचल की पंचायतें सात साल से बजट खर्च नहीं कर पाई हैं।

  2. अब आगामी समय में बजट मिलना मुश्किल होगा।

यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश की 647 पंचायतों में 14वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त छह करोड़ की राशि सात वर्ष बाद भी खर्च नहीं हो सकी है। यह जानकारी केंद्र सरकार के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से मिली है। हैरानी है कि अब 16वें वित्त आयोग के तहत नई राशि जारी होने की तैयारी है, जबकि पुरानी राशि का उपयोग अब तक नहीं हो पाया है, इससे अगली किस्त पर असर पड़ सकता है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को लंबित राशि निर्धारित नियमों के अनुसार शीघ्र खर्च करने और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी उपायुक्तों को इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

वित्तीय प्रबंधन पर प्रश्न

विकास कार्यों के लिए जारी राशि का वर्षों तक उपयोग न होना योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन पर प्रश्न खड़े कर रहा है। विभाग ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राशि स्वीकृत मदों पर नियमानुसार खर्च हो तथा इसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजी जाए।

तय की जा सकती है जिम्मेदारी

सरकार ने संकेत दिए हैं कि लंबित मामलों की समीक्षा कर जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। पंचायतों को उपलब्ध कराई गई यह राशि आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, सामुदायिक परिसंपत्तियों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों पर खर्च की जानी थी।

पंचायतों को लंबित राशि निर्धारित मदों में नियमानुसार खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्तों को भी इसकी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
-अनिरुद्ध सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री।

जिलेवार लंबित राशि

  • जिला         व्यय न हुई राशि
  • ऊना    1.30 करोड़
  • कांगड़ा    1.15 करोड़
  • शिमला    1 करोड़
  • चंबा        92 लाख
  • हमीरपुर    80 लाख
  • कुल्लू    47 लाख
  • सोलन    28 लाख
  • बिलासपुर    23 लाख
  • मंडी    20 लाख
  • लाहुल स्पीति    13 लाख
  • सिरमौर    40 हजार

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