हिमाचल में आउटसोर्स कर्मचारियों ने किया आंदोलन का एलान, 3 मांगों के लिए शिमला में जुटेंगे हजारों कर्मी
हिमाचल प्रदेश संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाया है। संघ ने 25 अगस्त को शिमला में हजारों कर्मचारियों के साथ प्रदर्श ...और पढ़ें

शिमला में आउटसोर्स कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बैठक के दौरान।
HighLights
आउटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष तक सेवा सुरक्षा मिले।
समान कार्य के लिए समान वेतन और मुआवजा दिया जाए।
मांगें न मानने पर 25 अगस्त को शिमला में प्रदर्शन।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून विधानसभा सत्र से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 25 अगस्त को प्रदेशभर के हजारों आउटसोर्स कर्मचारी शिमला में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ लामबंद होंगे।
शनिवार को शिमला में आयोजित संघ की बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा और सह-संयोजक सोहन लाल तुलिया ने की। इस दौरान कर्मचारियों की समस्याओं, लंबित मांगों और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
10 से 15 साल सेवाओं के बाद भी नौकरी पर तलवार
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में हजारों आउटसोर्स कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं और नीतियों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नाममात्र का वेतन मिल रहा है और नौकरी की स्थायी सुरक्षा नहीं है।
पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा भी नहीं
उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान कई आउटसोर्स कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई कर्मचारी दुर्घटनाओं में दिव्यांग हुए हैं। इसके बावजूद प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाई है। कई कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ये हैं तीन प्रमुख मांगें
संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा देने और उनके लिए स्थायी, पारदर्शी एवं प्रभावी नीति बनाने की मांग की है। इसके अलावा समान कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन व सेवा के दौरान जान गंवाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाए।
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नीति बनाए सरकार
बैठक में पंजाब सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनाई गई नीति और पीएसपीसीएल में उसके क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया गया। संघ ने मांग की कि हिमाचल में भी निश्चित अवधि तक सेवा पूरी कर चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को डेलीवेज अथवा अनुबंध पर लाने की नीति बनाई जाए। इससे कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने के साथ ही उनके शोषण पर भी रोक लग सकेगी।
25 अगस्त को शिमला में होगा प्रदर्शन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मानसून विधानसभा सत्र से पहले सरकार की ओर से मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय या ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती है तो 25 अगस्त को प्रदेशभर के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी शिमला में एकत्र होंगे। संघ ने सरकार से वर्षों से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारियों का असंतोष और आंदोलन दोनों और तेज हो सकते हैं।