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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: आपदाग्रस्त हिमाचल की कम नहीं हो रही मुसीबतें, कांगड़ा में सात मकान जमींदोज; बाकियों पर खतरा बरकरार

By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
Updated: Mon, 21 Aug 2023 07:00 AM (IST)

Himachal रविवार को अधिकतर स्थानों पर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हुई। प्रदेश में बाढ़ भूस्खलन और बादल फटने के कारण अब तक 8014.61 करोड़ रु ...और पढ़ें

कांगड़ा में सात मकान जमींदोज, 14 खाली करवाए। (फाइल फोटो)
कांगड़ा में सात मकान जमींदोज, 14 खाली करवाए। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हिमाचल में अब तक 8014.61 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन।
  2. चार दिन से फंसे 500 वाहनों को निकाला गया।

राज्य ब्यूरो, शिमला: हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन से लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। रविवार को कांगड़ा जिले के जवाली विधानसभा हलके के कोटला में 14 घर और खाली करवा दिए। भूस्खलन के कारण इन घरों पर खतरा बना हुआ था। यहां रविवार को वर्षा के बिना ही सात घर जमींदोज हो गए, इस वजह से आसपास के घरों को खाली करवा दिया गया।

वहीं, मंडी-कुल्लू एनएच पर पंडोह के पास सड़क धंसने के बाद पांच दिन से फंसे वाहनों को डैम के साथ बनाई नई सड़क से चार दिन से फंसे 500 वाहनों को निकाला गया। दो हजार के करीब वाहन पिछले चार दिन से यहां फंसे हुए हैं। अभी इस रास्ते से सिर्फ हल्के व खाली वाहनों को निकाला जा रहा है।

सामान से भरे व बड़े वाहनों को पंडोह से वापस बजौरा भेज दिया गया। इन वाहनों को शनिवार शाम को कांढी कटौला होकर मंडी भेजा गया था। उधर, मंडी-पठानकोट एनएच पर कोटरोपी के पास हलके वाहनों की आवाजाही सुचारू है।

डैहर उपमंडल के अलसू स्थित मत्स्य बीज केंद्र वर्षा से हुए भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस कारण मत्स्य केंद्र के स्टाफ कमरों, कार्यालय और टैंकों में मलबा घुस गया है। इसके साथ लगते छह घरों को भी भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने दो दिन के लिए प्रदेशभर में आंधी व वर्षा होने का यलो अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर भारी वर्षा के कारण बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।

8014.61 करोड़ रुपये का नुकसान

रविवार को अधिकतर स्थानों पर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हुई। प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने के कारण अब तक 8014.61 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है।

कहां कितना तापमान रहा (डिग्री सेल्सियस)

स्थान        न्यूनतम     अधिकत

शिमला         18.0       24.4

सुंदरनगर     23.1        33.0

भुंतर           22.7        33.8

कल्पा          13.5       25.6

धर्मशाला      20.4        28.5

ऊना           24.2         33.8

नाहन          24.1,        30.0

केलंग         13.7          24.8

सोलन        20.5          31.0