दिल्ली महारैली में हिमाचल प्रदेश से जाएंगी 156 बसें, HRTC से ज्यादा प्राइवेट की बुकिंग; तीन दिन रहेंगी बाहर
हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बसों की कमी हो सकती है क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस की ...और पढ़ें

हिमाचल में तीन दिन बसों की कमी खल सकती है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बसों की कमी।
दिल्ली में कांग्रेस की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली।
प्रदेश से 156 बसें कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाएंगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक बसों की कमी खल सकती है। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली के लिए प्रदेश से 156 बसें बुक की गई हैं। ये बसें 31 अक्टूबर को विभिन्न जिलों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली रवाना होंगी और एक नवंबर की शाम लौटेंगी। महारैली में प्रदेश से हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
टेंपो ट्रैवलर की भी व्यवस्था
बसों में एचआरटीसी की तुलना में निजी बसों की संख्या अधिक है। इसके अतिरिक्त दूरदराज के क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए टेंपो ट्रैवलर की व्यवस्था भी की गई है। कई कार्यकर्ता अपने निजी वाहनों से भी दिल्ली जाएंगे। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए एचआरटीसी प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
किस जिले से कितनी बसें जाएंगी
सोलन से 20, सिरमौर से 15, ऊना से 20, बिलासपुर से 16, कांगड़ा से 30, चंबा से एक, हमीरपुर 10, कुल्लू 8, मंडी से 20 और शिमला से 16 सहित कुल 156 बसें दिल्ली जाएंगी।
सवालों को दबाया नहीं जा सकता : विनय
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि भाजपा इस महारैली को लेकर चाहे जितनी बयानबाजी करे, लोकतंत्र से जुड़े सवालों को दबाया नहीं जा सकता। मतदाताओं के अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही का प्रश्न उठाना विपक्ष का दायित्व है। उन्होंने भाजपा की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए।
