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    दिल्ली-शिमला विमान सेवा और संजौली हेलीपोर्ट से उड़ानें ठप्प, 12 अगस्त से बहाली की उम्मीद

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:46 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और घनी धुंध के कारण हवाई सेवाएं ठप हो गई हैं। दिल्ली-शिमला उड़ान सहित सभी हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हैं, 12 अगस्त से बहा ...और पढ़ें

    खराब मौसम से दिल्ली-शिमला विमान सेवाएं ठप।

    खराब मौसम से दिल्ली-शिमला विमान सेवाएं ठप।

    HighLights

    1. भारी बारिश और घनी धुंध से हवाई सेवाएं बाधित।

    2. दिल्ली-शिमला उड़ानें और हेलीकॉप्टर सेवाएं ठप।

    3. मौसम सुधरने पर 12 अगस्त से बहाली संभव।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और घनी धुंध ने राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को पूरी तरह थाम दिया है। खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण एलायंस एयर की दिल्ली-शिमला उड़ान सहित प्रदेश भर में हवाई व हेलीकॉप्टर सेवाएं ठप पड़ी हैं।

    यदि मौसम में सुधार हुआ, तो 12 अगस्त से दिल्ली-शिमला उड़ान सेवा के पुनः संचालित होने की उम्मीद है। मौसम विभाग और विमानन अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में अचानक बदलते मौसम का सबसे सीधा असर हवाई संचालन पर पड़ रहा है।

    संजौली हेलीपोर्ट से हेलीकॉप्टर सेवाओं के साथ-साथ भुंतर (कुल्लू) हवाई अड्डे के लिए भी उड़ानें सुरक्षा कारणों से फिलहाल रोक दी गई हैं। दिल्ली-शिमला-धर्मशाला मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की नजरें अब मौसम पर टिकी हैं।

    एलायंस एयर के अधिकारियों का कहना है कि 12 अगस्त से शेड्यूल फिर से शुरू करने की योजना है, लेकिन अंतिम निर्णय एयरपोर्ट पर उपलब्ध रनवे विजिबिलिटी और वास्तविक मौसम की स्थिति पर ही निर्भर करेगा।

    सुरक्षित उड़ान के लिए 5 किमी दृश्यता जरूरी

    हवाई सेवाओं के सुरक्षित संचालन में विजिबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण कारक है। कम से कम 5 किलोमीटर की दृश्यता अनिवार्य है। हेलीकॉप्टर संचालन के लिए न्यूनतम 1500 मीटर की दृश्यता आवश्यक होती है।

    इससे कम दृश्यता होने पर पायलट के लिए रनवे, लैंडिंग ज़ोन और आसपास की पहाड़ियों को देखना जोखिम भरा हो जाता है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उड़ानों को निरस्त करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

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