विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हिमाचल के संसाधनों को बढ़ाने के लिए 40 सालों में कुछ नहीं किया'- पूर्व सरकारों पर बरसे CM सुखविंदर सुक्खू

By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
Updated: Sun, 11 Jun 2023 03:03 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर पूर्व भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व बीजेपी सरकार ने राज्य की आर्थिक व्यवस्था को चौपट कर दिया है।

'हिमाचल के संसाधनों को बढ़ाने के लिए 40 सालों में कुछ नहीं किया'- पूर्व सरकारों पर बरसे CM सुखविंदर सुक्खू
'हिमाचल के संसाधनों को बढ़ाने के लिए 40 सालों में कुछ नहीं किया'- पूर्व सरकारों पर बरसे CM सुखविंदर सुक्खू

शिमला, राज्य ब्यूरो। पूर्व सरकारों को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा हिमाचल आर्थिक बदहाली की स्थिति में चल रहा है। 40 सालों में हिमाचल को मजबूत करने को कुछ नहीं किया, केवन लोन लेते रहे। यह उसी का परिणाम है। सरकारों ने संसाधन बढ़ाने को कुछ नहीं किया।

सीएम सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने ऐसी औद्योगिक नीति लेकर आई कि 10 रुपये बीघा की दर से जमीन दे दी, लेकिन ये भूल गई कि ऐसे में हिमाचल का विकास कहां से होगा। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह बातें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित स्पार्क 2023 कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर बैंक का नया लोगो, वेबसाइट व इंटरनेट सुविधा को जारी किया गया।

'सभी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाएगा'

सुक्खू ने यहां कहा कि 3 सालों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की सभी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाएगा। नाबार्ड ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को स्वीकृति दी है। चार सालों में आर्थिक व्यवस्था पटरी पर होगी, 10 सालों में हिमाचल देश का सबसे मजबूत राज्य होगा।

डिप्टी सीएम बीजेपी पर साधा निशाना

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद थे। उन्होंने पूर्व की भजपा सरकार व विपक्ष को घेरते हुए कहा कि साजिश के तहत हिमाचल की आर्थिक स्थिति बिगाड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने के भी लिमिट कर दी गई है। इसी के साछ एनपीएस का भी हमारा पैसा नहीं दिया जा रहा है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार 10 हजार करोड़ क विदेशी फंड ले सकती है, जबकि हिमाचल के लिए यह लिमिट 3 हजार तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सब नहीं चलेगा।

ये भी पढ़ें- Manali Chandigarh Highway: मनाली-चंडीगढ़ हाईवे पर बनाला के पास भूस्खलन, फोरलेन पर लगा लंबा जाम