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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BJP ने हिमाचल को कर्ज में दबाया, हम प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करेंगे- CM सुक्खू

By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
Updated: Tue, 02 May 2023 05:10 PM (IST)

Sukhvinder Sukhu हिमाचल के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को शिमला नगर निगम चुनाव में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल कर्ज में है और इसके लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने बीजेपी पर साधा निशाना।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने बीजेपी पर साधा निशाना।

शिमला, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छोटा शिमला वार्ड से की थी। उस समय जो मेरे समर्थक होते थे, आज वह मेरे प्रत्याशी हैं। मैं अपने प्रत्याशी सुरेंद्र चौहान को वोट करने आया हूं। मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि भाजपा निराधार शिकायतें चुनाव आयोग को कर रही है। बैलेट पेपर में सीरियल नंबर से कोई फर्क नहीं पड़ता है, यहां अधिकारी कर्मचारी और पढ़े लिखे लोग रहते हैं। किस पार्टी का चुनाव निशान है क्या है सभी जानते है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

'बीजेपी ने पूरे हिमाचल को कर्ज में दबाया'

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी ने पूरे हिमाचल को कर्ज के नीचे दबा दिया है। हिमाचल को कर्ज मुक्त बनाने और हिमाचल के अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले 3 से 4 साल में प्रदेश को अच्छी स्थिति में लाया जा सकता है।

'हमने तीन प्रतिशत डीए भी दिया है'

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में शराब की दुकानों की नीलामी करके 750 करोड़ की अतिरिक्त आय प्रदेश सरकार ने कमाई है। यह एक बड़ी बात है। पहली बार वित्तीय संसाधन जुटाए जा रहे हैं। आय के नए संसाधन भी तलाशे जा रहे हैं। कर्मचारियों को बकाया राशि दी जा रही है। अभी इन्हें तीन प्रतिशत डीए दिया है। आने वाले समय में जो भी डीए दिया जाना है, वे भी जल्द दे दिया जाएगा।

बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार ने महज घोषणा कर दी थी कि इन्हें नया वेतन मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए ना ही कोई बजट में प्रावधान किया और ना ही इन्हें कुछ दिया गया।