शिमला के मंदिरों में ट्रांसजेंडर बनकर घूम रहा बांग्लादेशी, हिंदू रक्षा मंच ने उठाया मामला; पुलिस जांच में क्या निकला?
शिमला में एक बांग्लादेशी छात्र पर मंदिरों में ट्रांसजेंडर बनकर पैसे वसूलने का आरोप लगा है। हिंदू रक्षा मंच ने शिकायत दर्ज कराई है कि निजी विश्वविद्याल ...और पढ़ें
HighLights
बांग्लादेशी छात्र पर मंदिरों में किन्नर बनकर पैसे वसूलने का आरोप।
हिंदू रक्षा मंच ने शिमला पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
नेता प्रतिपक्ष ने इसे खुफिया तंत्र की विफलता बताया।
जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिमला के एक मंदिर में बांग्लादेशी छात्र के ट्रांसजेंडर वेश में पहुंचने के कथित मामले ने राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में चिंता बढ़ा दी है। हिंदू रक्षा मंच का आरोप है कि शिमला के निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला एक बांग्लादेशी छात्र सैफदुल इस्लाम मंदिरों में किन्नर बनकर भक्तों से पैसे वसूलने का काम कर रहा है। इस संबंध में शिमला पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है।
शिकायत के मुताबिक, यह शख्स खुद को इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर बांग्लादेशी स्टूडेंट बताता है, जबकि मंदिरों में ट्रांसजेंडर बनकर पैसे मांगता है। छात्र के बांग्लादेशी होने के चलते मामला और भी अधिक गंभीर बन गया है। भारतीय जनता पार्टी ने भी इस पूरे मामले में गंभीरता से जांच की मांग की है।
यह इंटेलिजेंस फेलियर : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसे इंटेलिजेंस फेलियर बताया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे मामले में गंभीरता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए. अगर इस मामले में सच्चाई है, तो यह राज्य की खुफिया तंत्र कहा फेलियर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाएं केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से भी हो सकता है।
सरकार की विधायकों पर नजर, ऐसी हरकतों पर नहीं
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्ष के विधायकों के फ़ोन सर्विलांस पर रखे जाते थे, लेकिन जिन चीज़ों पर नजर रखी जानी चाहिए, वहां लापरवाही हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में सच्चाई पाई गई, तो वह सदन के अंदर भी इस मामले को उठाएंगे।
बांग्लादेश एम्बेसी से बात करेंगे : विधायक
शिमला के विधायक हरीश जनारथा ने इस पूरे मामले में एक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र स्टडी वीजा पर भारत आया है, तो उसे अपने दायरे में सीमित रहना चाहिए। मीडिया के जरिये यह मामला उनके ध्यान में आया है। वे इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से बात कर उन्हें सख्त एक्शन लेने के लिए कहेंगे। विधायक हरीश जनारथा ने इस पूरे मामले में बांग्लादेश एम्बेसी के ज़रिये कार्रवाई की बात कही।
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पुलिस जांच में क्या निकला
पुलिस जांच में युवक की पहचान 30 वर्षीय इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल पुत्र मुहम्मद शरीफ अली, मूल निवासी राजशाही, बांग्लादेश, हाल निवासी एपीजी यूनिवर्सिटी शिमला के रूप में हुई है। जांच में पाया गया कि युवक एपीजी यूनिवर्सिटी में वर्ष 2024 से 2028 तक बीजेएमसी का छात्र है और वर्तमान में चौथे सेमेस्टर में अध्ययनरत है।
युवक का कहना है कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंध रखता है और काली माता की पूजा करता है, इसी कारण कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर एवं नवरात्र के दौरान कई बार बाजार व मंदिरों में गया है।
दस्तावेज पाए गए सही
पुलिस जांच के दौरान इसके दस्तावेज पुराने व वर्तमान दोनों पासपोर्ट, स्टडी वीज़ा और नेशनल आईडी कार्ड सही एवं वैध पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त पढ़ाई से जुड़े दस्तावेज भी सही पाए गए। मामले में आगामी जांच जारी है।
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