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पठानकोट-मंडी फोरलेन: बिजणी से पद्धर हाईवे निर्माण की उच्चस्तरीय जांच शुरू, बरसात में दरक गए थे डंगे

By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 06:31 AM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2026 11:03 AM (IST)

पठानकोट-मंडी फोरलेन के बिजणी से पद्धर खंड के निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई ...और पढ़ें

बिजनी से पद्धर के बीच बने हाईवे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। जागरण आर्काइव

बिजनी से पद्धर के बीच बने हाईवे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. बिजणी-पद्धर फोरलेन निर्माण गुणवत्ता पर केंद्रीय टीम की उच्चस्तरीय जांच।

  2. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की पांच सदस्यीय टीम कर रही निरीक्षण।

  3. बरसात में हुए नुकसान और शिकायतों के बाद जांच शुरू हुई।

जागरण संवाददाता, मंडी। पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत बिजणी से पद्धर के बीच बने करीब 19 किलोमीटर लंबे सुपर हाईवे की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद अब इसकी उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिल्ली से भेजी गई पांच सदस्यीय केंद्रीय तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करना शुरू कर दिया है।

यह टीम पांच दिनों तक लगातार निर्माण कार्यों का जायजा लेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। केंद्रीय टीम में वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ और भूगर्भ विज्ञानी शामिल हैं। 

पुलों व रिटेनिंग दीवारों की जांच

टीम द्वारा हाईवे पर की गई टारिंग, पुलों की मजबूती, ऊंचाई चौड़ाई और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लगाई गई रिटेनिंग दीवारों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की जा रही है। तीन दिन की जांच-पड़ताल में टीम को अभी तक कोई बड़ी खामी या तकनीकी कमी नहीं मिली है।

विधायक ने उठाए थे सवाल

द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर सहित क्षेत्र के कई लोगों ने इस सुपर हाईवे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों और शंकाओं का संज्ञान लेते हुए ही केंद्रीय मंत्रालय ने इस स्वतंत्र तकनीकी टीम को धरातल पर स्थिति जांचने के लिए मंडी भेजा है।

बरसात में हुआ कई जगह नुकसान

सुपर हाईवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बरसात में कई स्थानों पर मार्ग को नुकसान पहुंचा था। उसकी मरम्मत का कार्य कर रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को नवंबर 2026 तय निर्माण कार्य पूरा करना है। 784 करोड़ की लागत से बने इस हाईवे पर भारी बारिश के कारण कई जगह डंगे दरक गए हैं। 

22.8 से 19 किमी रही दूरी

बिजणी से पद्धर के बीच की पहले 22.815 किलोमीटर दूरी थी। 13 किलोमीटर मार्ग की री अलाइनमेंट के बाद अब हाईवे की दूरी घटकर 19 किलोमीटर रह गई है। 


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