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    हिमाचल: मंडी के सेरी मंच पर छाई खरगोश की ऊन से बनी शॉल, कीमत 100000 रुपये, मफलर का दाम 30 हजार

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 08:49 AM (IST)

    मंडी के राष्ट्रीय हथकर्घा दिवस प्रदर्शनी में कारीगर नरेश कुमार की एक लाख की शॉल और तीस हजार का मफलर आकर्षण का केंद्र बने हैं। ...और पढ़ें

    खरगोश की ऊन से बनी शॉल (जागरण)

    खरगोश की ऊन से बनी शॉल (जागरण)

    HighLights

    1. मंडी प्रदर्शनी में एक लाख की शॉल बनी आकर्षण का केंद्र

    2. कारीगर नरेश कुमार ने खरगोश की ऊन से बनाई अनोखी शॉल

    3. प्रधानमंत्री मोदी को भी भेंट की थी इसी शैली की शॉल

    मुकेश मेहरा, मंडी। सांस्कृतिक राजधानी मंडी के सेरी मंच पर सजे राष्ट्रीय हथकर्घा दिवस की प्रदर्शनी में एक लाख की शॉल व 30 हजार के मफलर ने चर्चा में है। चर्चा का कारण है कारीगर नरेश कुमार की यह एक लाख रुपये की शॉल और उनका 30 हजार रुपये का मफलर। मंडी में यह दूसरी सबसे महंगी शॉल है। इससे पहले तीन लाख रुपये की साल चार साल पहले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में आई थी।

    राष्ट्रीय हथकर्घा दिवस पर सेरी मंच पर 11 अगस्त तक सजने वाले इस प्रदर्शनी में आठ से दस हथकर्घा व स्थानीय उत्पादक विक्रेता पहुंचे हैं। इनमें शामिल राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त कारीगर नरेश कुमार बताते हैं कि उनकी सबसे महंगी शॉल एक लाख रुपये की है। इस शॉल में महाभारत काल के चक्रव्यूह की रचना को उकेरा गया है।

    इसके साथ ही रानी के नौ लखे हार की आकृति, टका आकृति, मोर पंचा बनाया गया है। खरगोश की ऊन से बनी इस शॉल को हाथों से बनाने में छह से सात महीने लगते हैं। ऐसी शॉल की मांग किन्नौर में रहती है और दिल्ली भी वह भेज चुके हैं। मंडी में वह प्रदर्शनी के लिए एक ही पीस लाए थे।

    इसके अलावा 30 हजार रुपये का मफलर भी इसी कारीगरी से बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक उनका 20 हजार की एक शॉल , 18 हजार का स्टाल व कुछ अन्य पट्टियां यहां बिकी हैं। उन्होंने बताया कि अर्की में उनका तमन्ना ट्रेनिंग एंड सेल सेंटर के नाम से छोटा सा उद्योग है।

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    प्रधानमंत्री मोदी को भेंट की थी उनकी बनी शॉल

    नरेश कुमार बताते हैं कि पांच छह साल पहले जब मंडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे तो उस समय उनको जो शॉल पहनाई गई थी, वह इसी शैली की थी और उन्होंने ही बनाई थी। उस समय उस शॉल की कीमत 35 हजार थी जो आज 60 हजार तक पहुंच गई है।

    छोटी सी खड्डी में बना रहे पट्टी

    शॉल व टोपियों के किनारों पर लगने वाली पट्टी को कारीगर नरेश कुमार मौके पर ही बना रहे हैं। इसके लिए वह छोटी सी खड्डी साथ लेकर आए हैं। इस खड्डी में पट्टी का निर्माण देखने के लिए लोग आ रहे हैं। नरेश ने बताया कि उनकी पट्टियां लोगों ने खरीदी हैं।