हिमाचल पंचायत चुनाव: मंडी जिले में 1,326 जनप्रतिनिधि चुने गए निर्विरोध, जिला परिषद के लिए कड़ा मुकाबला
मंडी जिले में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज है, जहां नामांकन वापसी के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। कुल 10,391 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 1,326 प्र ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मंडी में 10,391 उम्मीदवार पंचायत चुनाव मैदान में।
कुल 1,326 प्रत्याशी विभिन्न पदों पर निर्विरोध विजयी।
जिला परिषद के लिए 183 उम्मीदवार, मुकाबला कड़ा।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज है। जिले में चल रही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच व नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद अब चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। चुनावी अखाड़े में अब विभिन्न पदों के लिए कुल 10,391 उम्मीदवार आमने-सामने होंगे, जो अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, लोकतंत्र के इस उत्सव में जिलेभर से 1,326 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल कर मिसाल कायम की है।
नामांकन से लेकर नाम वापसी तक का गणित
तीन दिनों की लंबी नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन को जिलेभर से कुल 14,614 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। इसके बाद हुई छंटनी के दौरान कमियों के चलते 52 नामांकन पत्र रद कर दिए गए, जिससे वैध उम्मीदवारों की संख्या 14,562 बची थी। 14 व 15 मई को नाम वापसी के लिए निर्धारित दिनों में जिलेभर से 2,845 उम्मीदवारों ने अपने कदम पीछे खींचते हुए नाम वापस ले लिए। इसके बाद अब अंतिम रूप से 10,391 प्रत्याशी मैदान में डटे हैं।
पदवार स्थिति, किस पद पर कितने प्रत्याशी?
- पद, कुल नामांकन, रद, नाम वापस लिए, मैदान में प्रत्याशी, निर्विरोध जीते
- वार्ड सदस्य, 7,253, 24, 1,211, 4,717, 1,301
- प्रधान, 3,008, 13, 689, 2,297, 9
- उपप्रधान , 2,973 , 9, 786, 2,166 , 12
- बीडीसी, 1,175, 6, 137, 1,028, 4
- जिला परिषद, 205, 0, 22, 183, 0
वार्ड सदस्यों में सबसे ज्यादा उत्साह
आंकड़ों पर नजर डालें तो वार्ड सदस्य पद के लिए सबसे अधिक 7,253 नामांकन आए थे, जिसमें से रिकार्ड 1,301 सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। प्रधान पद के लिए अब मुख्य मुकाबले में 2,297 उम्मीदवार आमने-सामने हैं, जबकि नौ प्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उपप्रधान पद पर भी 12 प्रत्याशी निर्विरोध जीते हैं। बीडीसी के लिए चार सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।
जिला परिषद के लिए कड़ा मुकाबला
हालांकि, जिला परिषद पद के लिए मुकाबला बेहद कड़ा है। नाम वापसी के बाद 183 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रशासन ने चुनावी मैदान तय होने के बाद अब 26,28 व 30 मई को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कमर कस ली है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव चिह्न आवंटित होते ही प्रचार का दौर चरम पर पहुंच गया है।