हिमाचल में पेंशनरों का टूटा सब्र, लंबित एरियर व DA को लेकर आंदोलन की चेतावनी; मंत्री हर्षवर्धन चौहान को सौंपा मांगपत्र
हिमाचल प्रदेश ज्वॉइंट पेंशनर्स फेडरेशन ने कुल्लू में मंत्री हर्षवर्धन चौहान को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें लंबित एरियर, महंगाई भत्ता, चिकित्सा बिलों का भुगतान और पेंशनर भवन बनाने की मांगें शामिल थीं, जिस पर मंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पेंशनरों ने मंत्री हर्षवर्धन चौहान को सौंपा मांगपत्र। फोटो जागरण
HighLights
पेंशनर्स फेडरेशन ने मंत्री हर्षवर्धन चौहान को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
लंबित एरियर, महंगाई भत्ता और चिकित्सा बिलों के भुगतान की मांग।
पेंशनर भवन निर्माण व संयुक्त सलाहकार समिति बैठक बुलाने की मांग।
संवाद सहयोगी, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश ज्वॉइंट पेंशनर्स फेडरेशन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुल्लू के ढालपुर मैदान में मुख्य अतिथि उद्योग, संसदीय मामले, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मुलाकात कर छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनरों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
फेडरेशन ने संशोधित वेतनमान के लंबित बकाया एरियर, सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी, पेंशन कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट का एकमुश्त भुगतान करने की मांग की। साथ ही जुलाई 2023 से जनवरी 2026 तक देय 15 प्रतिशत महंगाई राहत की पांच किस्तें तथा जनवरी 2022 से जुलाई 2026 तक लंबित महंगाई भत्ते का एरियर जल्द जारी करने की मांग दोहराई गई।
मेडिकल बिलों के भुगतान और पेंशनर भवन की मांग फैडरेशन ने बीमार बुजुर्ग पेंशनरों के करोड़ों रुपये के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान करने तथा कुल्लू सहित सभी जिला मुख्यालयों में पेंशनर भवन बनाने का मुद्दा भी मंत्री के समक्ष रखा। प्रदेश व जिला स्तर पर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक जल्द बुलाने की मांग भी की गई।
डीए की किस्त न मिलने पर जताई नाराजगी
एलआर गुलशन ने मुख्यमंत्री की ओर से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते की कोई किस्त जारी न किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 हजार, तृतीय श्रेणी को 30 प्रतिशत तथा प्रथम व द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को संशोधित वेतनमान का 15 प्रतिशत एरियर देने की घोषणा को अपर्याप्त बताया।
अनदेखी जारी रही तो आंदोलन की चेतावनी
फैडरेशन ने चेतावनी दी कि प्रदेश के करीब पौने चार लाख कर्मचारी और पेंशनर सरकार से टकराव नहीं चाहते, लेकिन मांगों की लगातार अनदेखी हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

