बर्फबारी ने खोली प्रशासनिक तैयारियों की पोल, शिमला-मनाली में पर्यटक बेहाल, घंटों जाम में फंसी रहे लोग
हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीजन के पहले हिमपात ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद, शिमला और मनाली में पर्यटक ...और पढ़ें

हिमालच में जाम में फंसे पर्यटक (फाइल फोटो)

समय कम है?
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जागरण राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीजन के पहले हिमपात ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। मौसम विभाग की भारी बर्फबारी की चेतावनी और नवंबर-दिसंबर में आपदा प्रबंधन की बैठकों में दिए गए निर्देश धरातल पर नहीं उतरे। शिमला और मनाली में पर्यटकों व स्थानीय लोगों को घंटों जाम में परेशान होना पड़ा।
यहां पर प्रतिदिन 15 से 20 हजार वाहनों की आवाजाही होती है लेकिन उसे संभालने के लिए पुलिस के संसाधनों पर कम नजर आई। पर्यटकों की ओर से सड़कों पर वाहनों के कारण जाम लगने से वेटरन वाहन पार्किंग कर सके। इसके जो जो कारण बर्फ पड़ने के कारण वाहनों के ब्रेक फेल होने से चालकों को ज्यादा दिक्कत हुई और उन्हें फंसे हुए पर मजबूर होना पड़ा।
| तिथि (जनवरी) | वाहन आए | वाहन लौटे |
| 24 | 7,336 | 8,503 |
| 25 | 9,126 | 7,200 |
| 26 | 3,916 | 8,608 |
शिमला मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी संदीप कुमार ने कहा कि '22 और 23 जनवरी को चेतावनी चार दिन पहले जारी कर दी थी। आज के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया, ताकि आवश्यक प्रबंध किए जा सकें।'
हिमपात के बाद सड़कों को खोला जा रहा है। सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम किया जा रहा है।उसके बाद प्रमुख सड़कों और फिर ग्रामीण सड़कों को खोला जा रहा है।मंत्री विक्रमादित्य को जारी करनी पड़ी चेतावनीमनाली में हालात वितानजक रहे। पर्यटकों की भीड़ के बीच हिमाचली संस्कृति और स्थानीय निवासियों की उपेक्षा उठी नजर आई।
सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासनहीनता, शोर-शराबा और नियमों की संस्कृति का शर्मसार कर रहे हैं।इसके बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चेतावनी जारी कर कहा कि ऐसे पर्यटकों पर कार्रवाई की जाएगी जो देवभूमि की संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।यातायात व्यवस्था को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।-विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्रीजब हिमपात हुआ तो सभी अनन-फानन प्रबंध करने में जुट गए।
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मनाली पहुंचे पर्यटकों को आने की अनुमति दी गई थी। 23 से 25 जनवरी तक लगभग 3500 वाहन मनाली पहुंचे। 26 जनवरी को 1100 वाहन आए। इसके बाद जब 24 और 25 जनवरी को मनाली में 24 और 25 जनवरी को आवाजाही रोक दी गई और ग्रीन टैक्स तक नहीं काटा। मनाली में 23 जनवरी को अन्य राज्यों के वाहनों को आने की अनुमति थी।
शिमला में भी भारी हिमपात से पर्यटक पहुंचने में परेशान रहे। 24 जनवरी को ढली से कुफरी सड़क बंद कर दी गई। यहां दो दिन वाहनों के घंटों लंबा जाम लगा रहा। कई स्थानों पर पर्यटकों को मजबूरी में ही रात गुजारनी पड़ी।