टांडा में गूंजे वी वांट जस्टिस के नारे, प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर
टांडा अस्पताल के ब्लड बैंक में एक पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रेजिडेंट ...और पढ़ें
HighLights
टांडा अस्पताल में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ का मामला।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने आरोपी के खिलाफ हड़ताल की।
आरोपी लैब असिस्टेंट के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग।
जागरण टीम, टांडा। हिमाचल प्रदेश के डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा के ब्लड बैंक में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) टांडा ने पीड़िता के पक्ष में हड़ताल शुरू कर दी। रेजिडेंट डॉक्टर्स डेढ़ बजे तक हड़ताल पर रहे। टांडा अस्पताल परिसर में वी वांट जस्टिस के नारे गूंजे।
मामले में सख्त कार्रवाई न होने पर सोमवार को 24 घंटे हड़ताल रहेगी। हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी हुई। ओपीडी में प्रोफेसर व अन्य विशेषज्ञों ने मरीजों को चेक किया, लेकिन रेजिडेंट डॉक्टर्स के न होने के कारण भीड़ रही।
निलंबन व ट्रांसफर की मांग
आरडीए ने आरोपित लैब असिस्टेंट को तत्काल निलंबित कर ट्रांसफर करने की मांग उठाई है। आरडीए ने ब्लड बैंक में पीजी प्रशिक्षु (रेजिडेंट डॉक्टर) के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना की निंदा की है। मांग की कि आरोपित लैब असिस्टेंट जानी धीमान को तत्काल निलंबित किया जाए।
आरडीए की चेतावनी
आरडीए अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट, महासचिव डा. आर्यन गुलेरिया व प्रेस सचिव डा. मयूर कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 तथा पाश एक्ट के तहत आरोपित के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई उसकी गिरफ्तारी की जाए।
ब्लड बैंक में हुई थी छेड़छाड़
ओबीजी विभाग की प्रथम वर्ष की पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर ने चिकित्सा अधीक्षक को सौंपी शिकायत में कहा है कि वह 28 सितंबर को सायं करीब 4:30 बजे रोगी के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने ब्लड बैंक में गई थीं। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात लैब असिस्टेंट ने उससे छेड़छाड़ की। वह किसी तरह बचकर निकल गईं। छात्रा ने चिकित्सा अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर मामले के संबंध में पूरी जानकारी दी है और कार्रवाई की मांग की है।
