शिमला-मटौर फोरलेन: नवरात्र से सवा घंटे में होगा कांगड़ा से हमीरपुर का सफर, रियुंद पुल पर आ गया लेटेस्ट अपडेट
शिमला-मटौर फोरलेन पर कांगड़ा से हमीरपुर का सफर अब नवरात्र से लगभग सवा घंटे में पूरा होगा, क्योंकि रियूंद खड्ड पुल यातायात के लिए खुलने को तैयार है।

शिमला-मटौर फोरलेन पर रियुंद में बन रहा पुल। जागरण
HighLights
नवरात्र से रियूंद खड्ड पुल यातायात के लिए खुलेगा।
कांगड़ा से हमीरपुर का सफर सवा घंटे में होगा।
फोरलेन से दूरी 80 से घटकर 60 किलोमीटर रह जाएगी।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। शिमला-मटौर फोरलेन पर कांगड़ा के कछियारी से हमीरपुर का सफर अब एक घंटा और कुछ मिनट में तय होगा। फोरलेन को यातायात के लिए खोलने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नवरात्र में सबसे अहम रियूंद खड्ड पर बने पुल से वाहन दौड़ सकते हैं। रियूंद खड्ड पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब चैनल लॉक डाले जा रहे हैं।
पुल पर काम कर रहे कर्मचारियों के अनुसार एक हिस्सा अगले 10 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगा। ऐसे में उम्मीद है कि एक पुल ट्रैफिक के लिए खोला जा सकता है। दूसरे पुल के लिए अभी कुछ हिस्से में टारिंग व चैनल लॉक का कार्य शेष है।
80 से 60 किलोमीटर रहेगी दूरी
पहले जहां कछियारी से कांगड़ा टनल तक 20 से 30 मिनट लगते थे। अब फोरलेन शुरू से महज 10 से 15 मिनट में पहुंच सकेंगे। वहीं, कांगड़ा से हमीरपुर का सफर भी 80 किलोमीटर से 60 किलोमीटर रह जाएगा।
टि्वन टनल से गुजरेंगे वाहन
पुल शुरू होने के बाद दौलतपुर की ट्विन टनल भी यातायात के लिए उपलब्ध हो जाएगी। इन दिनों कछियारी फोरलेन के आसपास उगी झाड़ियों की कटाई का कार्य भी एनएचएआई की ओर से करवाया जा रहा है। फोरलेन के शुरू होने से पालमपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को कांगड़ा जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
बालुग्लोआ पुल का कार्य कब होगा पूरा
हालांकि रानीताल से आगे बालुग्लोआ पुल का कार्य लटका हुआ है। एनएचएआई के अनुसार नंवबर तक इसका कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। फोरलेन के शुरू होने से कांगड़ा शहर के भीतर बड़े वाहनों का दबाव और जाम कम होने की संभावना है1800 करोड़ की लागत से निर्माण
कच्छयारी से हमीरपुर प्रोजेक्ट का निर्माण लगभग ₹1800 करोड़ की लागत से किया जा रहा है जबकि इसके शुरू होने से कांगड़ा से हमीरपुर का सफर जो पहले लगभग 2 घंटे का था, वह घटकर केवल 1 घंटा रह जाएगा। कच्छियारी और ज्वालामुखी के बीच बनने वाले रियुंद पुल का निर्माण सितंबर माह में पूरा कर लिया गया है, जबकि बालुग्लोआ पुल को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
नवंबर में होगा उद्घाटन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस खंड को अक्टूबर के अंत तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद नवंबर में इसका औपचारिक उद्घाटन संभावित है। कच्छयारी हमीरपुर का यह नया मार्ग ग्रिड-आधारित तकनीक से बनाया जा रहा है ताकि भूस्खलन का खतरा कम हो और पहाड़ों की सीधी कटाई न करनी पड़े।
चैनल लॉक डाले जा रहे
रियूंद खड्ड पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब चैनल लॉक डाले जा रहे हैं। चैनल लॉक या एक्सपेंशन जॉइंट दो पुलों या एक ही पुल के दो अलग-अलग हिस्सों (स्पैन) को आपस में जोड़ने के लिए डाला जाता है। पुलों में इसके इस्तेमाल से तापमान पर नियंत्रण रहता है। अकसर मौसम में बदलाव होता है तो मौसम बदलने पर (गर्मी में फैलने और सर्दी में सिकुड़ने के कारण) कंक्रीट और स्टील में बदलाव आता है तो ऐसे में चैनल लॉक इस बदलाव के लिए जगह देता है, जिससे पुल में दरारें नहीं पड़तीं।
इसलिए जरूरी हैं चैनल लॉक
पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों से होने वाले कंपन और झटकों को यह चैनल लॉक सहन लेता है जिससे पुल की पकड़ बनी रहती है। चैनल लॉक भूकंप की दृष्टि से जरूरी है और पुल के हिस्सों को आपस में बांधकर रखता है जिससे भूकंप या तेज हवाओं के दौरान भी पुल सुरक्षित रहता है।
नवरात्र में पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। अभी चैनल लाक डाले जा रहे हैं। फोरलेन शुरू होने से कांगड़ा से हमीरपुर की दूरी 80 से घटकर 60 किलोमीटर रह जाएगी। बालुग्लोआ पुल नवंबर तक शुरू हो जाएगा।
-राकेश यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।
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