कांगड़ा घाटी ट्रेन की चपेट में आया 40 वर्षीय व्यक्ति, ट्रैक पर पांव फिसलने से हादसा; परिवार का इकलौता सहारा था अंकुश
नूरपुर के बासा बजीरां में रविवार देर रात कांगड़ा घाटी ट्रेन की चपेट में आने से 40 वर्षीय अंकुश भंडारी की मौके पर ही मौत हो गई। अंकुश अपने परिवार का इक ...और पढ़ें

कांगड़ा वैली ट्रेन की चपेट में आने से अंकुश कुमार की मौत हो गई।
HighLights
नूरपुर में ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत।
40 वर्षीय अंकुश भंडारी परिवार का एकमात्र सहारा था।
रेलवे क्रॉसिंग पर पांव फिसलने से हुआ दर्दनाक हादसा।
संवाद सहयोगी, नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा घाटी ट्रेन की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। नूरपुर के निकट बासा बजीरां में रविवार देर रात यह हादसा हुआ है, जिसमें 40 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। अंकुश भंडारी बासा बजीरां का निवासी था।
जोगिन्द्रनगर से पठानकोट जा रही रेल की चपेट में भाने से अकुंश की दर्दनाक मौत हो गई, रविवार रात करीब 10 बजे अंकुश अपने घर लौट रहा था।
ट्रेन देखकर घबराहट में पांव फिसलने से ट्रैक पर गिरा
अंकुश जब नूरपुर रेलवे स्टेशन से पहले स्थित आपातकालीन रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचा तो सामने से आती ट्रेन को देखकर घबरा गया, इस दौरान पटरी पार करने की कोशिश में उसका पांव फिसल गया और वह ट्रैक पर गिर पड़ा। इससे पहले की वह संभल पाता रेल की चपेट में आ गया व मौके पर ही मौत हो गई।
लोको पायलट ने रोक दी ट्रेन
हादसे की जानकारी मिलते ही ट्रेन के लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी। हादसे के बाद स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। मामले की जानकारी जीआरपी कांगड़ा को भी दी गई।
स्वजन एंबुलेंस की सहायता से शव को सिविल अस्पताल नूरपुर ले गए, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की पुष्टि जीआरपी कांगड़ा के हेडकांस्टेवल अजय कुमार मे की है।
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परिवार का इकलौता सहारा छूटा
अंकुश अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह बुजुर्ग मां सहित अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के सहारा थे। उनके निधन की सूचना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।