कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार: प्रभावितों को जल्द भूमि खाली करने के निर्देश, इन गांवों के लिए जारी की गई चेतावनी
कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रशासन ने अधिग्रहित भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि भूमि खाली नहीं की गई तो कानूनी का ...और पढ़ें

कांगडा एयरपोर्ट विस्तार कार्य की प्रक्रिया तेज हो गई है।
HighLights
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार हेतु अधिग्रहित भूमि खाली करने के निर्देश।
भूमि खाली न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
विस्तार से बड़े विमानों की लैंडिंग, पर्यटन को बढ़ावा।
संवाद सहयोगी, गगल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। प्रशासन ने हवाई अड्डा विस्तार के लिए अधिग्रहित (अर्जित) भूमि पर कब्जा रखने वाले संबंधित हितधारकों को बिना किसी देरी के तुरंत भूमि खाली करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में तहसील शाहपुर के महाल रच्छियालू, भडोत, जुगेड़ के प्रभावितों को स्पष्ट चेतावनी दी है।
भूमि कार्य पूरी तरह संपन्न
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया है। प्रभावित होने वाले सभी पात्र और सहमत परिवारों को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के तहत देय राशि का भुगतान भी कर दिया गया है।
पर्यटन विभाग के नाम दर्ज हुआ स्वामित्व
भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजस्व अभिलेखों में इस भूमि का स्वामित्व और कब्जा आधिकारिक तौर पर पर्यटन विभाग हिमाचल प्रदेश के नाम दर्ज किया जा चुका है और संबंधित इंतकाल भी पूरे हो चुके हैं।
कब्जा हटाने का निर्देश
प्रशासन ने सभी हितधारकों से अपील की है कि यदि अधिग्रहित भूमि पर अब भी किसी का कब्जा है या वहां किसी भी प्रकार का भवन, चल-अचल संपत्ति, निर्माण सामग्री अथवा अन्य सामान मौजूद है, तो उसे बिना किसी विलंब के स्वेच्छा से हटा लिया जाए।
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर भूमि को खाली नहीं किया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बिना किसी रुकावट के समय पर शुरू होगा काम
इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डे के रनवे और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों के विस्तार कार्य को बिना किसी रुकावट के समय पर शुरू करना है। हवाई अड्डे का यह विस्तार हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रनवे बड़ा होने से यहां बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी, जिससे कांगड़ा घाटी सहित पूरे राज्य में पर्यटन व्यवसाय और कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उधर, रंजीत कुमार को-आर्डिनेटर ने बताया कि शनिवार को अंतिम नोटिस दिया गया है और जल्द भूमि से कब्जा खाली के निर्देश दिए हैं।