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    हिमाचल निकाय चुनाव: कांगड़ा जिले में कांग्रेस के मजबूत प्रदर्शन ने बढ़ाई भाजपा की चिंता, अब 31 मई पर निगाहें

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 18 May 2026 11:54 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शहरी निकाय चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में रहे, जिससे भाजपा की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस समर्थित 30 प्रत्याशी जी ...और पढ़ें

    हिमाचल निकाय चुनाव में कांगड़ा में कांग्रेस का दबदबा रहा है।

    हिमाचल निकाय चुनाव में कांगड़ा में कांग्रेस का दबदबा रहा है।

    HighLights

    1. कांगड़ा जिले में कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं।

    2. भाजपा केवल 13 सीटों पर सिमट कर रह गई।

    3. 31 मई को धर्मशाला, पालमपुर नतीजों पर नजर।

    दिनेश कटोच, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में शहरी निकाय चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने बढ़त बनाकर राजनीतिक माहौल अपने पक्ष में कर लिया। जिले में पांच नगर परिषद व एक नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थित 30 प्रत्याशी जीते और भाजपा 13 पर सिमट गई। नगर पंचायत शाहपुर और नगर परिषद नगरोटा बगवां में निर्दलीयों ने खाते खोले हैं। चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।

    हालांकि नगर निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस व भाजपा ने सीधे तौर पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की थी लेकिन चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी पार्टियों के साथ जुड़े होने के दावे कर रहे हैं। 

    ज्वालामुखी, नूरपुर, कांगड़ा व देहरा में बड़ी जीत

    नगर परिषद ज्वालामुखी के नौ वार्ड में से सात, नूरपुर के भी नौ वार्ड में छह, कांगड़ा के नौ वार्ड में से आठ व देहरा के सात वार्ड में पांच पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। 

    भाजपा का इस तरह का रहा समर्थन

    भाजपा के ज्वालामुखी से दो, नूरपुर से तीन, कांगड़ा से एक, देहरा से दो, नगरोटा बगवां से चार व शाहपुर से एक पार्षद जीता है। चुनाव परिणाम घोषित होते ही कई स्थानों पर पार्टी समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई।

    कांग्रेस नेताओं ने चुनाव परिणाम को जनता का भरोसा और सरकार की नीतियों की जीत बताया। शहरी निकाय चुनाव में इस बार स्थानीय मुद्दे हावी रहे। पानी, सड़क, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों को लेकर लोगों ने मत का प्रयोग किया। कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। 

    भाजपा के लिए झटके से कम नहीं चुनाव नतीजे

    भाजपा के लिए चुनाव परिणाम झटके से कम नहीं है। कई ऐसे वार्ड जहां भाजपा को मजबूत माना जा रहा था, लेकिन वहां भी पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि यह जीत विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत है। 

    भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी परिणाम की समीक्षा करेगी। संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा। जिला कांगड़ा की राजनीति में शहरी निकाय चुनाव के ये नतीजे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

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    अब 31 मई पर नजर

    अब सभी की नजर 31 मई को नगर निगम धर्मशाला व पालमपुर के चुनाव परिणाम पर होगी, क्योंकि यह चुनाव सीधे तौर पर पार्टी चुनाव चिह्न पर हुए हैं। जिले की 846 पंचायतों के चुनाव परिणाम पर भी कांग्रेस व भाजपा की नजरें रहेंगी।

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