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हिमाचल के बड़ा भंगाल में लापता हुए पांच ट्रैकर्स सुरक्षित ट्रेस, बर्फबारी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी

By Munish DixitEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 08 Oct 2026 07:50 AM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 02:56 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी में लापता हुए पांच ट्रैकर्स को सुरक्षित ट्रेस कर लिया गया है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. कांगड़ा के बड़ा भंगाल में लापता पांच ट्रैकर्स सुरक्षित मिले

  2. भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण फंसे थे ट्रैकर्स

  3. प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी, पुलिस टीम मौके पर

मुनीष दीक्षित, कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की अति दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी की ओर ट्रैकिंग के लिए निकले पांच लोग लापता हो गए। अब खबर है कि सभी को ट्रेस कर लिया गया है और सभी ट्रैकर्स सुरक्षित हैं।

इस बाबत एसडीएम संकल्प गौतम ने कहा कि बड़ा भंगाल में संपर्क हुआ है। पता चला है कि यहां राजस्थान के पांच लोग ठहरे थे। पुलिस टीम मौके पर भेजी गई है।

बता दें कि पांच अक्टूबर को बीड़ से राजगुंधा की ओर निकले पांच ट्रैकर्स लापता हो गए थे। इसके बाद उन्हें राजगुंधा से बड़ा भंगाल की तरफ ट्रैक करना था। इसी दौरान क्षेत्र में मौसम खराब हो गया। छह और सात अक्टूबर को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खराब मौसम के साथ भारी बर्फबारी हुई है।

ट्रैकर्स में अंकुर मालानी, सत्यम साबू, पवन, श्याम आर. और तरुण राठी शामिल हैं। सभी की उम्र करीब 28 से 35 वर्ष है। जिला प्रशासन के पास इन पांचों के नाम की जानकारी पहुंच गई है।

थमसर पास और ग्लेशियर के आसपास फंसे होने की आशंका

प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही थी कि पांचों ट्रैकर राजगुंधा, थमसर पास या थमसर ग्लेशियर के आसपास कहीं फंसे हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि छह अक्टूबर को उन्हें थमसर पास पार करना था। इसी दौरान क्षेत्र में मौसम खराब होने और भारी बर्फबारी के कारण उनके आगे बढ़ने में परेशानी आई होगी।

ट्रैकिंग और रेस्क्यू से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में ट्रैकरों का बर्फबारी के बीच सुरक्षित स्थान पर रुक जाना संभव है।

बीड़, राजगुंधा और बड़ा भंगाल की ओर तलाश

प्रशासन की ओर से बीड़, राजगुंधा और बड़ा भंगाल की दिशा में संभावित स्थानों पर ट्रैकरों की तलाश की जाएगी। क्षेत्र में लगातार खराब मौसम और बर्फबारी के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने भी चुनौती रहेगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पांचों ट्रैकरों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।

तीन दिन के दुर्गम पैदल सफर के बाद पहुंचते हैं बड़ा भंगाल

बड़ा भंगाल घाटी कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र में धौलाधार की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित बेहद दुर्गम क्षेत्र है। यहां पहुंचने के लिए करीब तीन दिन का कठिन पैदल सफर तय करना पड़ता है।

राजगुंधा से आगे का रास्ता ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन ट्रैक से होकर गुजरता है। रास्ते में थमसर पास जैसे ऊंचे और बर्फीले क्षेत्र आते हैं, जहां मौसम बदलते ही परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं।

बड़ा भंगाल क्षेत्र रावी नदी के उद्गम क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संपर्क व्यवस्था के कारण इस क्षेत्र में किसी आपात स्थिति में रेस्क्यू अभियान चलाना भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है।

फिलहाल सभी की नजरें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं। पांचों ट्रैकरों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद के बीच प्रशासन और रेस्क्यू टीमें उनकी तलाश में जुटने की तैयारी कर रही हैं।