मणिमहेश में बर्फबारी के बाद यात्रा फिर शुरू, राधाष्टमी न्हौण के लिए संचुई के शिव चेलों ने भी किया भरमौर से प्रस्थान
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण श्री मणिमहेश यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया था, जिसे मौसम साफ होने के बाद फिर से शुरू कर दिया गया है।

मणिमहेश कैलाश और झील के आसपास हुई बर्फबारी।
HighLights
बर्फबारी के कारण मणिमहेश यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई।
मौसम साफ होने के बाद यात्रा फिर से शुरू हुई।
राधाष्टमी स्नान के लिए शिव चेले मणिमहेश रवाना।
जागरण टीम, भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। श्री मणिमहेश यात्रा के अंतिम पड़ाव पर मौसम ने कड़े तेवर दिखाए हैं। डल झील यानी शिव कुंड के आसपास भी तीन इंच बर्फबारी हुई है। गौरीकुंड तक बर्फ गिरी है। प्रशासन ने बर्फबारी और बारिश से मार्ग पर बढ़ी फिसलन तथा कड़ाके की ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर हड़सर से धनछो तथा धनछो से ऊपरी पड़ावों की ओर जाने पर रोक लगा दी थी।
इसके अलावा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैहला के पास भी यात्रियों को रोका गया था। दोपहर बाद मौसम साफ होने के बाद यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है।
शिव चेलों ने किया प्रस्थान
संचुई के शिव चेलों ने भी श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देने के बाद भरमौर से मणिमहेश के लिए प्रस्थान कर दिया है। इनका रात्रि ठहराव धनछो में होगा व कल दोपहर एक बजे से पहले ये डल झील पार करने की परंपरा का निर्वहन करेंगे। इसके बाद राधाष्टमी स्नान का दौर शुरू होगा। दोपहर एक बजे के बाद से स्नान का शुभ मुहूर्त है।
पथरीले ट्रैक पर बढ़ा जोखिम
13 किलोमीटर लंबे पथरीले ट्रैक पर जोखिम काफी बढ़ गया है। श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। यात्रा मार्ग पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित पुलिस व होमगार्ड के जवान सतर्क हैं।
खराब मौसम, लगातार बारिश और मणिमहेश क्षेत्र में करीब 3 इंच तक हुई ताजा बर्फबारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया था। प्रशासनिक टीमें मौसम और ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दोपहर बाद यात्रा बहाल कर दी गई है।
-विकास शर्मा, एडीएम एवं अध्यक्ष, श्री मणिमहेश यात्रा प्रबंधन समिति, भरमौर।
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