एशियाई खेलों में छाई हिमाचल की सीमा, 10000 मीटर दौड़ में भारत को दिलाया कांस्य पदक; चंबा की पगडंडियों से विश्व ट्रैक पर
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की धाविका सीमा ने जापान में आयोजित एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य ...और पढ़ें

चंबा की नामी धाविका सीमा। जागरण आर्काइव
HighLights
सीमा ने एशियाई खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य जीता।
जूते फटने के बावजूद चंबा की धाविका ने पदक हासिल किया।
यह उपलब्धि वर्षों की साधना और पगडंडियों पर अभ्यास का फल है।
जागरण संवाददाता, चंबा। पहाड़ की पगडंडियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के बड़े मंच तक पहुंची हिमाचल प्रदेश में जिला चंबा के रेटा गांव की धाविका सीमा एशियाई खेलों में छा गईं। सीमा ने जापान के आइची-नागोया में 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। सीमा अंतिम राउंड में टॉप-तीन में चली हुई थी, लेकिन अचानक उसका जूता फटने के कारण उसकी लय टूट गई और वह आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बावजूद सीमा ने तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक देश की झोली में डाला।
सीमा के लिए यह वर्षों की साधना का परिणाम
चंबा की गलियों से निकली सीमा पगडंडियों पर दौड़कर अभ्यास कर यहां तक पहुंची हैं। वर्षों की साधना का परिणाम है कि सीमा ने आज जापान में तिरंग लहराया दिया है।
मार्च में दिया था सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
विश्व एथलेटिक्स के आंकड़ों के अनुसार सीमा ने मार्च 2026 में 10,000 मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था। यह प्रदर्शन उनके निरंतर संघर्ष और बेहतर होती रफ्तार की कहानी बताता है।
कम उम्र में ही शुरू हो गया था पदों का सफर
सीमा का पदकों से भरा सफर कम उम्र में ही शुरू हो गया था। खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में 3,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पहचान बनाई। वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 5,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय खेलों में 5,000 और 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए। सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 5,000 मीटर में रजत पदक उनके नाम रहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सीमा ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी छाप छोड़ी है। यूथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य और यूथ एशियन ओलंपिक क्वालीफिकेशन खेलों में रजत पदक उनके खाते में है। जूनियर स्तर पर राष्ट्रीय रिकार्ड और कई स्वर्ण पदक भी उनके नाम रहे हैं।
