यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चंबा में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर डलहौजी में आयोजित किया गया स्वच्छता अभियान
नगर परिषद डलहौज़ी हिलदारी डलहौज़ी और एयर फ़ोर्स स्टेशन मोती टिब्बा ने मिलकर गांधीजी और शास्त्रीजी की जयंती पर स्वच्छता ...और पढ़ें

HighLights
- गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता अभियान
- डलहौज़ी में 60 किलो कचरा एकत्र
- एयर फ़ोर्स का स्वच्छता में योगदान
संवाद सहयोगी, डलहौज़ी। स्वच्छता ही सेवा के अभियान के अंतर्गत, नगर परिषद डलहौज़ी और हिलदारी डलहौज़ी ने एयर फ़ोर्स स्टेशन मोती टिब्बा डलहौज़ी के सहयोग से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान आयोजित किया।
यह स्वच्छता अभियान पंचपुला रोड और जंद्रिघाट रोड पर किया गया, जिसमें विंग कमांडर विवेक के नेतृत्व में एयर फ़ोर्स स्टेशन के 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
वहीं हिमालयन नेचर क्लब एनजीओ से कुनाल जोशी, एसडब्ल्यूएम ठेकेदार एवं उनके कार्यकर्ता, नगर परिषद डलहौज़ी के कर्मचारी और हिलदारी डलहौज़ी टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस संयुक्त प्रयास में कुल 60 किलोग्राम कचरा एकत्र किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस पहल ने दोनों महान नेताओं के विचारों को एक साथ जोड़ने का कार्य किया। ज्ञात हो कि महात्मा गांधी ने जीवनभर सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के सिद्धांतों को अपनाया और कहा कि स्वच्छता ईश्वर के समीप है। उनका स्वच्छ भारत का सपना आज भी देश को प्रेरित करता है।
वहीं लाल बहादुर शास्त्री अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं, जिन्होंने अनुशासन, सादगी और सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया।
उनका नारा जय जवान, जय किसान देश की सुरक्षा और स्थिरता दोनों के महत्व को दर्शाता है। ऐसे मरें एयर फ़ोर्स जवानों और एसडब्ल्यूएम कार्यबल की भागीदारी ने शास्त्री के संदेश को साकार किया, यह दिखाते हुए कि जवान और सफाई कर्मी दोनों ही अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र की रक्षा और स्वच्छता में योगदान करते हैं।
वहीं महात्मा गांधी का स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत का सपना इस सामूहिक प्रयास से सजीव हुआ। यह आयोजन दोनों महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि रहा और नागरिकों को प्रेरित किया कि वे भी उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ और स्वस्थ समाज की जिम्मेदारी निभाएँ।
विशाल सेखड़ी।
