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AIIMS Bilaspur Convocation: 'ग्रामीण क्षेत्र में सेवा ही हो मुख्य ध्येय' राष्ट्रपति का संदेश; 5 को गोल्ड मेडल व 89 को डिग्री

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 11:17 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 06 Oct 2026 12:23 PM (GMT+05:30)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षा समारोह में बैच 2020 के 89 डॉक्टरों को सम्मानित किया, जिसमें 5 गोल्ड मेडलिस्ट भी शामिल थे।

एम्स बिलासपुर में दीक्षा समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर्स को सम्मानित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व अन्य।

एम्स बिलासपुर में दीक्षा समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर्स को सम्मानित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व अन्य।

HighLights

  1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स बिलासपुर के दीक्षा समारोह में शिरकत की।

  2. 89 डॉक्टरों को डिग्री और 5 छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।

  3. राष्ट्रपति ने चिकित्सकों को ग्रामीण क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा का संदेश दिया।

जागरण संवाददाता, बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के पहले दीक्षा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बैच 2020 के 89 डॉक्टर्स को सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने पांच गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य को डिग्रियां वितरित की गईं। इससे पहले सामूहिक चित्र हुआ। 

समारोह में डाक्टर्स ने कुर्ता पायजामा व टोपी पहनकर डिग्री प्राप्त की। महिला और पुरुष दोनों के लिए यही पहनावा एम्स प्रशासन की ओर से निर्धारित किया गया। राष्ट्रपति सुबह 10.35 बजे एम्स बिलासपुर हेलीपेड पर पहुंचीं। इसके बाद सीधे दीक्षा समारोह के लिए रवाना हुईं। 

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सहित प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेता भी समारोह में शामिल हुए।

AIIMS Convocation 1

बिलासपुर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू व साथ में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा चिकित्सकों को सीख दी कि चिकित्सा पेशा केवल एक आजीविका नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और निस्वार्थ समाज सेवा का एक सर्वोच्च माध्यम है। दीक्षा समारोह में राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत मां श्री नयना देवी को नमस्कार के साथ की। उन्होंने कहा कि सबसे पहले बिलासपुर की पावन धरा और इसके ऐतिहासिक महत्व को नमन। उन्होंने कहा, "मां नयना देवी के इस पवित्र क्षेत्र में आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई है। बिलासपुर वीरों की भूमि है, जहां के जांबाजों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग किया है। भारत की सुरक्षा में योगदान देने वाले उन सभी अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करती हूं।

पहला बैच होना गौरवशाली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के प्रथम बैच के उत्तीर्ण छात्रों, स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर का पहला बैच होना छात्रों के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है।

दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने से न कतराएं

उन्होंने कहा आपका मूल कर्तव्य केवल बीमारी की सटीक पहचान करना और उसका इलाज करना ही नहीं है, बल्कि इलाज के दौरान मरीजों के प्रति असीम संवेदनशीलता और करुणा का भाव अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। जब मरीज को डॉक्टर से सहानुभूति और आत्मीयता मिलती है, तो उसका आधा रोग वैसे ही ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी ऐसे ही दूर-दराज और चुनौतीपूर्ण परिवेश से आती हैं।

उन्होंने चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि डाक्टर दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाएं देने से कतराते हैं, लेकिन एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से निकले चिकित्सकों से देश को यह उम्मीद है कि वे इस मानसिकता से ऊपर उठेंगे।

आत्मसंतुष्टि केवल निस्वार्थ सेवा से ही मिलती है

उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा सच्ची आत्मसंतुष्टि केवल निस्वार्थ सेवा से ही मिलती है। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के अभावग्रस्त लोगों के प्रति अपने दिल में प्रेम और अपनत्व जगाएं। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही आपके जीवन का मुख्य ध्येय होना चाहिए। 

स्वास्थ्य क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इलाज के दौरान दवाओं और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की बढ़ती कीमतें आम आदमी के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। कई बार गंभीर बीमारियों के इलाज में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घर व जमीन तक बिक जाते हैं।

सीएम सुक्खू से आग्रह

उन्होंने कहा कि हालांकि केंद्र सरकार ने इस संकट से राहत दिलाने के लिए 'आयुष्मान भारत' जैसी दूरगामी योजना शुरू की है, फिर भी दुर्गम इलाकों में अब भी कई लोग इसके लाभ से वंचित हैं। समारोह में मौजूद मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि हर जरूरतमंद को इसका फायदा मिल सके।

नवोन्मेषी शोध और उपाय तलाशें

उन्होंने एम्स बिलासपुर के प्रबंधन और युवा डॉक्टरों पर यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे ऐसे नवोन्मेषी शोध और उपाय तलाशें, जिससे आम जनता को न्यूनतम लागत पर गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से फैलने वाली भ्रामक और आधी-अधूरी जानकारियों पर राष्ट्रपति ने चिंता जताई। उन्होंने डाक्टरों और आम जनता दोनों को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी।

रणसिंघा और बाबा बालक नाथ व माता की प्रतिमा भेंट 

राष्ट्रपति को कार्यक्रम के दौरान एम्स बिलासपुर प्रशासन की ओर से रणसिंघा स्मृतिचिह्न के रूप में दिया गया। इसके अलावा बाबा बालक नाथ और श्री नयना देवी जी मंदिर की प्रतिमा भी भेंट स्वरूप दी गई।

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