बिलासपुर में बैंक लॉकर से गायब हो गए 40 तोले सोने के गहने, बिना चाबी कैसे खुल गया लॉक?
बिलासपुर में एक महिला ने एसबीआई लॉकर से 40 तोले सोने के गहने गायब होने का दावा किया है। तीन साल बाद विदेश से लौटी महिला ने लॉकर खोला तो वह खाली मिला। ...और पढ़ें

बिलासपुर में बैंक लॉकर से 40 तोले सोने के गहने गायब हो गए। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर मेन मार्केट में स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) की शाखा के लॉकर से महिला ने 40 तोले सोने के गहने गायब होने का दावा किया है। तीन साल बाद विदेश से आई महिला ने बताया कि मंगलवार को बैंक में लॉकर खोला तो वह खाली था। महिला का दावा है कि उसके पिता ने लाकर में 40 तोले सोने के गहने रखे थे।
बैंक प्रबंधन अब इस मामले में जांच करेगा। बैंक खाता महिला के पिता के नाम पर था और उसका उत्तराधिकारी (नामिनी) बेटा था। लाकर का उपयोग करने के लिए पिता ने बेटी को अधिकृत किया था।
इंग्लैंड में रहती है महिला
रौड़ा सेक्टर बिलासपुर निवासी महिला ने बताया कि वह कई साल से इंग्लैंड में रहती है। उनके पिता ने एसबीआइ बिलासपुर में लाकर लिया था। तीन साल पहले उसके पिता का निधन हो गया।
पिता ने दी थी लॉकर की चाबी
निधन से पूर्व पिता ने लॉकर की चाबी उसे दी थी। पिता के निधन के बाद बेटी ने लॉकर नहीं खोला और इंग्लैंड लौट गई। तीन दिन पूर्व महिला लौटी। मंगलवार को एसबीआइ मुख्य बाजार बिलासपुर में लॉकर की चाबी लेकर पहुंची।
लॉकर खोला तो निकला खाली
बैंक कर्मी ने नियमों के अनुसार एक चाबी बैंक की ओर से लगाई और दूसरी चाबी महिला ने लगाकर लॉकर खोला तो वह खाली था। उसने बैंक कर्मी से कहा कि यह लाकर खाली नहीं था, अंतिम समय में पिता से जब बात हुई तो उन्होंने बताया था कि लाकर में 40 तोले सोने के गहने रखे हुए हैं।
शुरुआत में बैंक प्रबंधन ने कहा कि इसमें बैंक का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन महिला की आपत्ति के बाद अब बैंक प्रबंधन जांच कर रहा है।
क्या कहते हैं बैंक अधिकारी
शाखा के मुख्य प्रबंधक राहुल कुमार ने कहा कि लॉकर की एक चाबी बैंक के पास होती है, जबकि दूसरी ग्राहक के पास। दोनों चाबियां लगाने के बाद ही लॉकर खुलता है। जब भी लॉकर खुलता है तो उसका रिकॉर्ड बैंक में रखा जाता है। यह रिकॉर्ड डिजिटल नहीं बल्कि हस्तलिखित होता है। अंतिम बार यह लाकर कब और किसने खोला था, यह रिकार्ड देखा जाएगा। इसके अलावा महिला और उसके भाई को बैंक में बुलाकर बातचीत की जाएगी।