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    सोनीपत की तहसीलों में पांच दिन का सन्नाटा खत्म, आज से पटरी पर लौटेगा रजिस्ट्री का काम

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 11:52 AM (IST)

    चंडीगढ़ में फाइनेंस कमिश्नर रेवेन्यू के साथ बैठक के बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त हो गई। सोनीपत में पांच दिन से ठप रजिस्ट्री का काम ...और पढ़ें

    तहसील कार्यालय में हड़ताल से खाली पड़ी खिड़कियां। जागरण

    तहसील कार्यालय में हड़ताल से खाली पड़ी खिड़कियां। जागरण

    HighLights

    1. तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की हड़ताल खत्म होने से लोगों ने ली राहत की सांस

    2. जिले में 850 से ज्यादा रजिस्ट्रियां अटकीं, भारी भीड़ से निपटने की रहेगी बड़ी चुनौती

    3. दूसरे दिन भी फ्लाप रही वैकल्पिक व्यवस्था, एसडीएम व डीआरओ की कलम से नहीं हुई एक भी रजिस्ट्री

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। तहसीलदारों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध आखिरकार मंगलवार को खत्म हो गया। चंडीगढ़ में फाइनेंस कमिश्नर रेवेन्यू (एफसीआर) सुमिता मिश्रा के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद अधिकारियों ने काम पर लौटने का एलान कर दिया है। तहसीलों में पांच दिन से पसरा सन्नाटा खत्म होने से बुधवार को एक बार फिर रजिस्ट्रियों का काम शुरू हो जाएगा।

    तहसीलों में हड़ताल से जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने एसडीएम और डीआरओ को रजिस्ट्रियां करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन सोनीपत में यह प्रयोग पूरी तरह विफल रहा। पांचवें दिन भी अधिकारियों ने एक भी रजिस्ट्री नहीं की, जिससे दूर-दराज से आए लोग केवल दफ्तरों के चक्कर काटकर रह गए।

    तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के हड़ताल पर चले जाने से जिले की तहसीलों में 850 से अधिक रजिस्ट्रियों का अंबार लग गया है। बुधवार को जब कार्यालय खुलेंगे तो लोगों का हुजूम उमड़ना तय है। टोकन सिस्टम से लेकर स्टांप ड्यूटी की वैधता तक, कई तकनीकी पेच फंस सकते हैं।

    तहसीलदारों की यह हड़ताल सिर्फ आम जनता पर ही भारी नहीं पड़ी, बल्कि सरकार के खजाने को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रापर्टी डीलर्स और बैंक लोन के मामलों में भी काम पूरी तरह ठप रहा। अब काम शुरू होने से न केवल सरकारी राजस्व को आक्सीजन मिलेगी, बल्कि रीयल एस्टेट सेक्टर में भी हलचल तेज होगी।

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