शामली एनकाउंटर: अंकित बालियान के हत्यारे की पूरी क्राइम कुंडली, मां को छोड़ कैसे अपराधी बना था मोहित?
अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटर सुमित और मोहित सोनीपत के रहने वाले ...और पढ़ें
HighLights
अंकित बालियान हत्याकांड के शूटर यूपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर।
सोनीपत के सुमित और मोहित गोगी गैंग से जुड़े थे।
मोहित का लंबा आपराधिक इतिहास, 5-6 साल से सक्रिय था।
जागरण सवाददाता, सोनीपत। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों के तार सोनीपत से जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत के सुमित (24) और मोहित (22) के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उन्हें गोगी गैंग से जुड़े शूटर बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, मोहित बैयांपुर खुर्द (बंदेपुर) का रहने वाला था और करीब 5-6 साल से आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें मारपीट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। पानीपत की एक लैब में आग लगाने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
परिवार से अलग रहने लगा था मोहित
मोहित के पिता महेश की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मां ममता बच्चों के साथ बैयांपुर खुर्द स्थित अपने मायके में रहने लगीं।
परिजनों के अनुसार, मोहित का परिवार से मिलना-जुलना कम था और वह ज्यादातर अलग रहता था। परिवार में अब उसकी मां, एक बहन और छोटा भाई हैं। मोहित के आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण परिवार उससे दूरी बनाए रखता था।
गैंग से जुड़ने के बाद बढ़ता गया अपराध का दायरा
पुलिस के अनुसार, पिछले कई वर्षों में मोहित का नाम अलग-अलग आपराधिक मामलों में सामने आता रहा। शुरुआत में मारपीट जैसे मामलों से जुड़े नाम के बाद उस पर हथियार संबंधी मामले भी दर्ज हुए।
पुलिस का दावा है कि बाद में वह गैंगवार से जुड़ गया और गोगी गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करने लगा। अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को मोहित और सुमित के बारे में अहम सुराग मिले थे। दोनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
यूपी पुलिस से मुठभेड़ में दोनों ढेर
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद आरोपी शूटरों की तलाश में जुटी यूपी पुलिस की टीम से दोनों की मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में सुमित और मोहित मारे गए। पुलिस अब दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंग से जुड़े संपर्क और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी भूमिका को खंगाल रही है। एनकाउंटर के बाद सोनीपत में भी पुलिस स्तर पर दोनों के पुराने मामलों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मां सफाई कर करती रही गुजारा
पति की मौत के बाद ममता ने निजी यूनिवर्सिटी में सफाई कर्मचारी की नौकरी कर परिवार का गुजारा किया। दिनभर मेहनत कर बच्चों का पेट पालती रहीं, लेकिन मोहित धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में कदम रखता चला गया।
पुलिस के मुताबिक, पिछले 5-6 साल से वह गैंगवार से जुड़ा था और उसके खिलाफ करीब आधा दर्जन मामले दर्ज थे। अब गैंगवार की इसी राह का अंत यूपी पुलिस के एनकाउंटर में हुआ।
परिवार ने तोड़ लिया था नाता
मोहित के मामा अमित के मुताबिक, सुबह पुलिस एनकाउंटर की सूचना मिलते ही परिवार सदमे में आ गया। मोहित ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और दोस्तों के साथ रहने लगा था। परिवार ने उसकी गतिविधियों से परेशान होकर उसे बेदखल कर रखा था। मां ममता, 17 वर्षीय भाई सुमित और 21 वर्षीय बहन सालवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
ढाई महीने पहले छोड़ा था किराए का मकान
मकान मालिक दिलबाग के अनुसार, मोहित का परिवार लंबे समय तक उनके मकान में किराए पर रहा। करीब ढाई महीने पहले ममता ने मकान खाली कर दिया था और परिवार दूसरी जगह किराए पर रहने लगा। मामा ने बताया कि पिता को लकवा लगने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई थी।
दूसरे आरोपी सुमित के मकान पर लगा ताला
एनकाउंटर में मारे गए दूसरे आरोपी सुमित का परिवार सोनीपत की टीडीआई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के जी ब्लॉक स्थित मकान नंबर 1420 में रहता है।

परिवार मूल रूप से गांव ककरोई का रहने वाला बताया जा रहा है। सुमित का नाम अंकित बालियान हत्याकांड में सामने आने के बाद से टीडीआई स्थित मकान पर पिछले दो दिन से ताला लटका हुआ है। आसपास के लोगों के मुताबिक, परिवार के सदस्य मकान पर नजर नहीं आए। एनकाउंटर की खबर के बाद इलाके में सुमित को लेकर चर्चा बनी हुई है।
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