पैरालिंपियन अमित सरोहा ने फिर जीता दिल, अपने कोच और एस्कॉर्ट को दिए 15-15 लाख रुपये
पैरालिंपियन अमित सरोहा ने अपने कोच देवेंद्र कुमार मोनू और एस्कॉर्ट देवेंद्र सरोहा को 15-15 लाख रुपये देकर सम्मानित किया।

गुरू और सारथी को अमित सरोहा का सलाम
HighLights
अमित सरोहा ने कोच और एस्कॉर्ट को 15-15 लाख दिए।
यह तीसरा अवसर है जब उन्होंने अपनी टीम को सम्मानित किया।
कुल 50-50 लाख रुपये देकर उनके योगदान को सराहा।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। गांव बैंयापुर के रहने वाले चार बार के पैरालिंपियन अमित सरोहा ने अपनी कामयाबी के पीछे नायकों को सम्मान देने की परंपरा को एक बार फिर आगे बढ़ाया है। अपने आवास पर आयोजित सादे समारोह में अमित ने अपने कोच देवेंद्र कुमार मोनू और एस्कार्ट देवेंद्र सरोहा को 15-15 लाख रुपये की राशि भेंट कर सम्मानित किया।
अमित द्वारा अपनी ‘कोर टीम’ को सम्मानित किए जाने का यह तीसरा अवसर है। इससे पहले वर्ष 2021 में उन्होंने दोनों को 25-25 लाख रुपये और वर्ष 2024 में 10-10 लाख रुपये देकर सम्मानित किया था। इस तरह अमित अब तक अपने कोच और एस्कार्ट को 50-50 लाख रुपये की राशि भेंट कर चुके हैं।
अमित सरोहा ने कहा कि मेरे लिए यह बड़ी खुशी की बात है कि जिन लोगों की वजह से मैं यहां तक पहुंचा हूं, उनका सम्मान कर पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि यदि ये दोनों लोग उनके जीवन में नहीं होते तो शायद वह आज इस मुकाम पर नहीं होते। दोनों ने उनके जीवन को नयी दिशा देने के साथ ही उन्हें पैरालंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
एस्कॉर्ट्स के लिए पुरस्कार की पैरवी
देवेंद्र सरोहा और मोनू पैरा-स्पोर्ट्स के सफर की शुरुआत से ही अमित के साथ हैं। अमित सरोहा पहले भी यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि खेलों में कोचों को तो पुरस्कार और सम्मान मिलते हैं, लेकिन पैरा-एथलीट के सफर में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एस्कार्ट्स के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
देवेंद्र सरोहा ने कहा हमारे लिए यह बहुत खुशी की बात है कि अमित ने एक बार फिर हमें सम्मान दिया। यह सम्मान मुझे और अन्य एस्कार्ट्स को पैरा-एथलीट्स और पैरा-स्पोर्ट्स के लिए और ज्यादा योगदान देने की प्रेरणा देगा। कोच देवेंद्र मोनू व देवेंद्र सरोहा ने कहा हमारे लिए यह बहुत खुशी की बात है कि अमित ने एक बार फिर हमें सम्मान दिया।
ये हैं उपलब्धियां
अमित सरोहा देश में इस तरह की चोट के साथ प्रतिस्पर्धी खेल खेलने वाले पहले खिलाड़ी थे। इसलिए उन्होंने काफी मेहनत और प्रयोग करके अपना खेल सीखा। राष्ट्रीय स्तर के हाकी खिलाड़ी रहे अमित सरोहा ने रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद पैरा-स्पोर्ट्स को अपना करियर बनाया।
वे पैरालिंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले देश के पहले क्वाड्रिप्लेजिक एथलीट हैं और अब तक चार बार पैरालिपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पैरा एशियाई खेलों में उनके नाम पांच पदक हैं। वर्ष 2023 के पैरा एशियाई खेलों में वे भारतीय दल के ध्वजवाहक भी रहे।
