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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या है हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर? इसके बनने से किसे मिलेगा फायदा, जानिए इसकी पूरी ABCD

By Edited By: Abhishek Tiwari
Updated: Thu, 14 Sep 2023 12:15 PM (IST)

Haryana Orbital Rail Corridor किसानों और सरकार के बीच जमीन के रेट को लेकर हुए गतिरोध खत्म होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए बची हुई जमीन के अधिग्रहण के ...और पढ़ें

क्या है हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर? जानिए इसकी पूरी ABCD
क्या है हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर? जानिए इसकी पूरी ABCD

HighLights

  1. हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर ने पकड़ी रफ्तार, आइएमटी के पास बनेगा स्टेशन
  2. मुआवजे पर सहमति के बाद बची हुई भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
  3. 127.7 किमी लंबे कॉरिडोर पर 5618 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान
  4. 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन, सोहना में बन रही 4.7 किमी सुरंग

सोनीपत [निरंजन कुमार]। पलवल से सोनीपत तक बन रहे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (Haryana Orbital Rail Corridor) के निर्माण की रफ्तार तेज हो गई है। किसानों और सरकार के बीच जमीन के रेट को लेकर हुए गतिरोध खत्म होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए बची हुई जमीन के अधिग्रहण के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे के साथ साथ बन रहे इस कॉरिडोर के लिए सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम और पलवल जिले के 67 गांवों की करीब 665.92 हेक्टेयर यानी करीब 1665 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है।

सोनीपत जिले के 18 गांवों की 226 एकड़ जमीन का पहले ही अधिग्रहण हो चुका है और कुल 158 करोड़ रुपये में से 85 करोड़ रुपये किसानों द्वारा मुआवजा उठाया जा चुका है। सोनीपत जिले में हरसाना कलां को जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

इसके अतिरिक्त खरखौदा में आइएमटी और तुर्कपुर में भी स्टेशन बनाया जाएगा। करीब 127.7 किमी लंबे कॉरिडोर पर 5618 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है, जिसे 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है।

ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के शुरू होने से सोनीपत और खरखौदा आइएमटी की गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, फरीदाबाद और पलवल की आपस में सीधी रेल कनेक्टिविटी हो जाएगी। अभी ट्रेनों को दिल्ली होकर निकलना पड़ता है।

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इस कॉरिडोर को हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा दिल्ली के रेल बाईपास के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। यह लाइन चार सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइन दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-जयपुर, दिल्ली-रोहतक और दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन को जोड़ने का काम करेगी। इस कॉरिडोर का निर्माण साल 2026 तक पूरा किया जाना है।

इस कॉरिडोर पर कौन से स्टेशन होंगे?

सोनीपत में हरसाना कलां, तुर्कपुर व खरखौदा, झज्जर में जसौर खेड़ी, मांडौठी, बादली, देवरखाना, बाढ़सा, गुरुग्राम में न्यू पातली, मानेसर, चंदला डूंगरवास, नूंह में धूलावट, सोहना, पलवल में सिलानी व न्यू पलवल में स्टेशन बनाए जाएंगे।

बनाई जा रही है डबल सुरंग

एचआरआइडीसी द्वारा अरावली की पहाड़ियों में 4.7 किमी डबल सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। जो देश में इस तरह की पहली टनल होगी। इस सुरंग की ऊंचाई करीब 25 मीटर रहेगी।

नंबर गेम

  • 04 किमी लंबी टनल बनेगी सोहना में
  • 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन
  • 02 नए रोड ओवरब्रिज

प्रोजक्ट में क्या है खास?

  • 23 महत्वपूर्ण जलमार्ग पुल
  • 195 छोटे जलमार्ग पुल
  • 153 अंडरब्रिज बनेंगे

अनुमानित यात्री एवं ट्रेन

साल ट्रेन यात्री
2027 20 23832
2032 22 25876
2037 24 28096
2042 26 30506

आर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण का कार्य चल रहा है। सोनीपत के हरसाना कलां में दिल्ली-अंबाला रेल लाइन के साथ जुड़ेगी। खरखौदा आइएमटी में भी स्टेशन प्रस्तावित है।

नरेश कुमार, जीएम, एचआरआइडीसी

सोनीपत जिले में सारी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। 85 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जा चुका है। जिन किसानाें का मुआवजा बढ़ा है, वे भी अपने चेक ले जा सकते हैं।

-हरिओम अत्रि, जिला राजस्व अधिकारी