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आर्मी की पत्नी के अंगों से 6 घरों में लौटीं खुशियां, 240 KM तक बना ग्रीन कॉरिडोर; रोहतक में महिला को मिला नया जीवन

Published: Thu, 10 Sep 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 04:27 PM (IST)

एक ब्रेन डेड आर्मी जवान की पत्नी के अंगदान से छह परिवारों में खुशियां लौटीं। रोहतक में 240 किमी के ...और पढ़ें

ब्रेन डेड आर्मी जवान की पत्नी ने लौटाई 6 घरों में खुशियां। फोटो जागरण

ब्रेन डेड आर्मी जवान की पत्नी ने लौटाई 6 घरों में खुशियां। फोटो जागरण

HighLights

  1. ब्रेन डेड महिला के अंगों ने छह परिवारों में खुशियां लौटाईं।

  2. 240 किमी ग्रीन कॉरिडोर से रोहतक पहुंची किडनी ने जान बचाई।

  3. लीवर दिल्ली, हार्ट नोएडा और कॉर्निया चंडीगढ़ अस्पताल को मिले।

जागरण संवाददाता, रोहतक। एक मां के अंगदान ने छह परिवारों में खुशियां लौटा दीं। चंडी मंदिर स्थित कमांड अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित आर्मी जवान की 30 वर्षीय पत्नी के अंगों का नियमानुसार आवंटन किया गया। इनमें एक किडनी पीजीआइएमएस रोहतक को मिली, जिसे 32 वर्षीय महिला में प्रत्यारोपित कर उसकी जान बचाई गई।

महिला पिछले तीन वर्ष से किडनी मिलने का इंतजार कर रही थी। बुधवार को पीजीआईएमएस की चार सदस्यीय टीम सुबह 8:45 बजे चंडीगढ़ रवाना हुई। किडनी लेकर एंबुलेंस दोपहर 1:30 बजे चली और शाम 4:32 बजे रोहतक पहुंची। 240 किलोमीटर की दूरी ग्रीन कॉरिडोर से तय की गई। अस्पताल पहुंचने पर फूल बरसाकर स्वागत किया गया और मॉड्यूलर ओटी में प्रत्यारोपण किया गया।

ब्रेन हेमरेज के बाद अंगदान का निर्णय

आर्मी जवान की पत्नी को ब्रेन हेमरेज के बाद राजस्थान से चंडी मंदिर स्थित कमांड अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद पति ने अंगदान का निर्णय लिया। पीजीआईएमएस प्रबंधन ने परिवार के जज्बे को सलाम करते हुए लोगों से अंगदान के लिए आगे आने की अपील की। अस्पताल में अंगदान के लिए काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध है।

सोटो, रोटो और नोटो ने किया अंगों का आवंटन

सोटो हरियाणा की स्टीयरिंग कमेटी के अध्यक्ष एवं पीजीआइएमएस निदेशक डा. एसके सिंघल ने बताया कि सोटो, रोटो और नोटो की ओर से रातभर अंगों का नियमानुसार आवंटन किया गया। दूसरी किडनी कमांड अस्पताल चंडीमंदिर कैंट के मरीज को मिली। दोनों कार्निया चंडीमंदिर अस्पताल को दिए गए, जिससे दो नेत्रहीनों की दुनिया रोशन होगी।

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लिवर और हार्ट भी जरूरतमंदों तक पहुंचाए

एक लवर नई दिल्ली स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल भेजा गया। हार्ट नोएडा के अस्पताल भेजा गया, जिसके लिए मोहाली से एयरलिफ्ट किया गया। इस तरह अंगदान से कई जरूरतमंदों को जीवन और नई रोशनी मिलने का रास्ता बना।

हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर

कुलपति डा. अग्रवाल ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस और करीब आधा दर्जन जिलों के पुलिस अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने हरियाणा पुलिस डीजीपी अजय सिंघल की तत्परता की सराहना की। पुलिस जवान पूरे दिन सड़कों पर तैनात रहे, ताकि अंग समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सके।