रेवाड़ी के सरकारी स्कूलों में बदला मिड-डे मील का मेन्यू, अब बच्चों की थाली में मिलेगा रागी-मिलेट और सोया
रेवाड़ी के सरकारी स्कूलों में अब मिड-डे मील का नया शेड्यूल जारी किया गया है, जिसमें बच्चों को हर दिन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर (AI-Generated Image)

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जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को कढ़ी-पकौड़ा-चावल से लेकर सोया खिचड़ी, रागी का पुआ और राजमा-चावल तक अब मिड-डे मील की थाली में मिलेगा।प्रतिदिन अलग व्यंजन बच्चों को मिलेंगे। शिक्षा विभाग की तरफ से मिड डे मील का नया शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
नए शेड्यूल का उद्देश्य बच्चों को भोजन में विविधता देने के साथ प्रोटीन, फाइबर और आयरन सहित जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराना है। इसमें कढ़ी-पकौड़ा-चावल, पौष्टिक परांठा-दही, सोया खिचड़ी, मीठा दलिया, चावल-सफेद चना, चना दाल खिचड़ी और मिस्सी परांठा-दही शामिल है।
मिड-डे मील का नया शेड्यूल
इसके अलावा, दाल-चावल, रोटी-मूंग-मसूर दाल, मिस्सी रोटी-मौसमी सब्जी, मीठे मूंगफली चावल, नमकीन दलिया, गेहूं-रागी का पुआ, सब्जी पुलाव-काला चना, राजमा-चावल और गट्टे रोटी-दही भी परोसे जाएंगे। थाली में अब मोटे अनाज व दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी शामिल होंगे। रेवाड़ी जिले में 643 राजकीय प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
पोषक तत्वों का रखा गया है विशेष ध्यान
नए मेन्यू विविधता से बच्चों की भोजन में रुचि बनी रहने के साथ अलग-अलग खाद्य पदार्थों से मिलने वाले पोषक तत्व भी मिलेंगे। वहीं, भोजन का लाभ पहुंचाने के लिए गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मात्रा का पालन भी जरूरी रहेगा। निर्धारित अवकाश के दिनों में स्कूलों में मिड-डे मील तैयार नहीं किया जाएगा।
मिड-डे मील के नए मेन्यू में बच्चों के स्वाद के साथ ही पोषण का विशेष ध्यान रख गया है। हर दिन अलग-अलग व्यंजन मिलने से भोजन में विविधता आएगी। स्कूलों में मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार कराने को लेकर निर्देश दिए गए हैं।
- प्रदीप दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
अब खुशी-खुशी पूरा खाना खाएंगे बच्चे
बच्चों को नया स्वाद और पूरा पोषण देने के लिए मिड-डे मील के इस नए शेड्यूल को जल्द ही जिले के सभी सरकारी स्कूलों में लागू कर दिया जाएगा। अब रोजाना मिलने वाली एक ही तरह की रोटी-सब्जी की जगह जब थाली में कढ़ी-चावल, मिस्सी पराठा और रागी का पुआ जैसे व्यंजन होंगे, तो बच्चे न सिर्फ खुशी-खुशी पूरा खाना खाएंगे, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर हो सकेगा।
