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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Panipat Crime: प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में हुआ फर्जीवाड़ा तो CM तक गई शिकायत, फिर हुआ बड़ा एक्शन; साल 2022 का मामला

By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
Updated: Tue, 16 Jan 2024 12:36 PM (IST)

Panipat News नगर निगम क्षेत्र के प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में शहर थाना पुलिस ने पूर्व टैक्स सुपरिंटेंडेंट धर्मवीर को गिरफ्तार किय ...और पढ़ें

Haryana News: प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में हुआ फर्जीवाड़ा तो CM तक गई शिकायत। फाइल फोटो
Haryana News: प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में हुआ फर्जीवाड़ा तो CM तक गई शिकायत। फाइल फोटो

HighLights

  1. 41 गज की जमीन को बना दिया करीब 89 गज
  2. सीएम फ्लाइंग करनाल की टीम ने की थी छापेमारी
  3. पुलिस की कार्रवाई के बाद विभाग में मचा हड़कंप

जागरण संवाददाता, पानीपत। नगर निगम क्षेत्र के प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में शहर थाना पुलिस ने पूर्व टैक्स सुपरिंटेंडेंट (कर अधीक्षक) धर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामला नवंबर 2022 का है।

41 गज की जमीन को बना दिया करीब 89 गज 

आरोप है कि धर्मवीर ने 41 गज जमीन को 88.5 गज दर्शाते हुए नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) जारी कर दिया था। संपत्ति मालिक ने निगम की तरफ से जारी एनडीसी पर इस जमीन को बेच दिया। किसी ने मामले की शिकायत सीएम को भेज दी। इसके बाद सीएम फ्लाइंग ने छापामारी की थी। तभी सीएम फ्लाइंग ने केस दर्ज कराया था। पुलिस ने डेढ़ साल बाद कार्रवाई की है।

सीएम फ्लाइंग करनाल की टीम ने की थी छापेमारी 

सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि आरोपित धर्मबीर को गिरफ्तार किया गया है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। गत 15 नवंबर 2022 को नगर निगम कार्यालय के प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में सीएम फ्लाइंग करनाल टीम की छापेमारी की थी। इसमें फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।

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पुलिस की कार्रवाई के बाद विभाग में मचा हड़कंप 

सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर कर अधीक्षक (वर्तमान में डेमो सेल इंचार्ज) धर्मबीर, सहायक एवं वार्ड क्लर्क पवन कुमार, तत्कालीन जूनियर प्रोग्रामर, तत्कालीन सहायक जिला न्यायवादी शिव कुमार और संपत्ति मालिक सावित्री देवी के खिलाफ सिटी थाने में मामला दर्ज कराया था।

निगम में पुलिस की कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि इस मामले के बाकी आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

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