Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    फरीदाबाद चुनाव विवाद मामले में मंत्री विपुल गोयल की याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज, 29 मई को होगी अगली सुनवाई

    Updated: Tue, 19 May 2026 02:52 PM (IST)

    मंत्री विपुल गोयल को फरीदाबाद-89 विधानसभा सीट से जुड़े चुनाव विवाद में बड़ा झटका लगा है। ...और पढ़ें

    फरीदाबाद चुनाव विवाद मामले में मंत्री विपुल गोयल की याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज (फाइल फोटो)

    फरीदाबाद चुनाव विवाद मामले में मंत्री विपुल गोयल की याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने विपुल गोयल की याचिका खारिज करने की मांग ठुकराई।

    2. चुनाव याचिका में धार्मिक अपील और ईवीएम बैटरी पर सवाल उठाए गए।

    3. मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को निर्धारित की गई है।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की फरीदाबाद-89 विधानसभा सीट से जुड़े चर्चित चुनाव विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनके द्वारा दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव याचिका को शुरुआती चरण में ही समाप्त करने की मांग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि याचिका में ऐसे गंभीर तथ्य और आरोप मौजूद हैं जिनकी विधिवत सुनवाई आवश्यक है।

    यह चुनाव याचिका लक्ष्मण कुमार सिंगला द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने विपुल गोयल के निर्वाचन को चुनौती दी है।सिंगला की तरफ से हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल और भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल मोहन जैन ने दलील दी कि जनप्रतिनिधित्व कानून, हाई कोर्ट नियम और सुप्रीम कोर्ट के फैसले यह स्पष्ट करते हैं कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा छह माह में करना अनिवार्य है।

    याचिका में क्या लगे आरोप?

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(3) के तहत आने वाली “भ्रष्ट चुनावी प्रथाओं” का इस्तेमाल किया गया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि विपुल गोयल ने चुनाव के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगे, भगवान और धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख किया तथा धार्मिक आयोजनों में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।

    जैन ने मामले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी ईवीएम की बैटरी प्रतिशत को लेकर उठाया गया। याचिका में कहा गया कि जिन ईवीएम मशीनों में बैटरी प्रतिशत 90 फीसदी या उससे अधिक था, उनमें अधिकतर वोट विपुल गोयल के पक्ष में पड़े, जबकि जिन मशीनों की बैटरी 60 से 70 फीसदी के बीच थी, उनमें याचिकाकर्ता को अपेक्षाकृत अधिक वोट मिले। इस आधार पर मतगणना प्रक्रिया और ईवीएम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    खबरें और भी

    याचिका खारिज करने को लेकर आवेदन दायर किया

    मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विकास सूरी ने यह प्रमुख प्रश्न तय किए कि क्या प्रतिवादी विपुल गोयल ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट चुनावी आचरण किया था क्या ईवीएम बैटरी प्रतिशत संबंधी आरोप सुनवाई योग्य हैं।

    इसके बाद विपुल गोयल की ओर से आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत चुनाव याचिका को खारिज करने का आवेदन दायर किया गया था। हालांकि अदालत ने विस्तृत आदेश में कहा कि याचिका में विचारणीय मुद्दे मौजूद हैं और मामले की मेरिट पर सुनवाई जरूरी है। अदालत ने मंत्री की आवेदन याचिका खारिज करते हुए अब मुख्य चुनाव याचिका की आगे सुनवाई के लिए 29 मई 2026 की तारीख निर्धारित की है।