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    हरियाणा कांग्रेस में घमासान, ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पर जिलाध्यक्षों ने राव नरेंद्र के खिलाफ खोला मोर्चा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:04 PM (IST)

    हरियाणा कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर जिलाध्यक्षों में नाराजगी है, जिन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पर उनकी सलाह की अनद ...और पढ़ें

    हरियाणा कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों में अनदेखी से नाराज जिलाध्यक्षों ने राव नरेंद्र के विरुद्ध खोला मोर्चा।

    हरियाणा कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों में अनदेखी से नाराज जिलाध्यक्षों ने राव नरेंद्र के विरुद्ध खोला मोर्चा।

    HighLights

    1. ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पर जिलाध्यक्षों में भारी नाराजगी

    2. प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पर सलाह अनदेखी का आरोप

    3. प्रदेश प्रभारी ने जांच का आश्वासन दिया, हिसार सूची होल्ड

    सत्येंद्र सिंह, चंडीगढ़। हरियाणा में मंडल से बूथ स्तर तक कार्यकारिणी बनाने की मुहिम में जुटे कांग्रेस नेताओं को ब्लॉक अध्यक्ष बनाने में ही पसीना आ गया। पहली लिस्ट जारी हुई तो मामला शांत रहा पर दूसरी लिस्ट डेढ़ माह बाद आई तो संगठन की प्रमुख कड़ी कई जिलाध्यक्ष नाराज हो गए।

    सोनीपत में शुक्रवार को हुई पार्टी की समीक्षा बैठक में कांग्रेस प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त के सामने जिलाध्यक्षों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पर उनकी सलाह की अनदेखी करने के खुले आरोप लगाए गए, जिसके बाद हिसार जिले के ब्लॉक अध्यक्षों की सूची होल्ड कर दी गई।

    जिलाध्यक्षों की राय की अनदेखी कर कई जिलों में ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। ऐसे में अभी कुछ और ब्लॉक अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। प्रदेश प्रभारी इस पर मंथन भी कर रहे हैं कि किन-किन जिलों में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों में जिलाध्यक्षों की अनदेखी की शिकायतें आ रही हैं।

    सोनीपत में हुई बैठक में नाराज जिलाध्यक्षों ने यह तक याद करवा दिया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि जिलाध्यक्षों को इतना पावरफुल किया जाएगा कि वे चुनाव के वक्त लोकसभा तथा विधानसभा के उम्मीदवार तय करने में मुख्य भूमिका में होंगे।

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    इसके बाद उल्टा उनकी सलाह को ब्लॉक अध्यक्ष बनाने में ही नजरअंदाज कर दिया गया। पार्टी ने तीन नामों का पैनल मांगा था, जिसमें कई ब्लॉकों में ऐसे व्यक्तियों को जिम्मेदारी दे गई, जिसका पैनल में नाम नहीं था।

    करनाल, हिसार, सिरसा और चरखी दादरी के जिलाध्यक्षों की ओर से अधिक नाराजगी जताई गई है। जिलाध्यक्षों ने कहा कि जब विधायकों और पूर्व विधायकों की पसंद के चेहरे ब्लॉक अध्यक्षों के पदों पर नियुक्त किए जाने थे तो उनसे तीन नाम चयनित कर क्यों मांगे गए थे।

    उन्होंने दलील दी कि यदि प्रदेश अध्यक्ष की टीम उनकी सोच के मुताबिक नहीं होगी तो वे कैसे काम कर पाएंगे। यही स्थिति जिलाध्यक्षों के साथ भी बन रही है। पैनल में वह भी नाम थे जो विधायकों और पूर्व विधायकों की सलाह पर शामिल गए गए थे, उनमें से ही किसी को जिम्मेदारी दी सकती थी।

    कांग्रेस जिलाध्यक्षों का कहना है कि पैराशूट की तरह चेहरों को लाना पार्टी के लिए ठीक नहीं है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने विरोध वाले ब्लॉक अध्यक्षों को लेकर अपने तर्क भी दिए लेकिन विरोध करने वालों का गुस्सा कम नहीं हुआ।

    प्रदेश प्रभारी सतीश चंद्र ने मामला समझते हुए कहा कि अगर कोई पार्टी में काम की बजाय नेता के सहारे आगे बढ़ा है तो उससे जिम्मेदारी वापस लेकर किसी और को दी जाएगी। इसके लिए वह खुद अपने स्तर पर पूरी जांच करेंगे।