सावधान! हरियाणा में 3 दिन तक गुल रह सकती है बत्ती, आज रात से शुरू होगी कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की वार्ता विफल होने के बाद वे सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। ...और पढ़ें
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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल, आमजन की मुश्किलें बढ़ीं।
HighLights
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की वार्ता विफल हुई
सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल शुरू होगी
आमजन को बिजली आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ेगा
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले चार दिन से नगर पालिकाओं और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से परेशान आमजन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। निजी बिजली कंपनियों को लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ मुखर बिजली कर्मचारी और अभियंताओं सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में सफाई व्यवस्था से बदहाल आमजन को अब बिजली की आपूर्ति में बाधा भी झेलनी पड़ सकती है।
ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव आशिमा बराड़ की अध्यक्षता में रविवार को शक्ति भवन में हुई हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा और प्रबंधन की वार्ता भी विफल हो गई। मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम प्रबंधन ने कहा है कि पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम व स्मार्ट मीटरिंग पर कोई आश्वासन नहीं दे सकते।
ठेका कर्मियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन, जोखिम भत्ता देने, एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम में लगाई गई शर्तों को हटाने व अन्य मांगों पर भी कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सभी मांगें सरकार के स्तर की हैं। सरकार ही इन पर विचार करेगी।
बैठक में मौजूद हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य देवेन्द्र सिंह हुड्डा और इकबाल चंदाना ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा मोर्चा के साथ हुई बैठक में दिए आश्वासन से भी पीछे हट रही है। इसलिए मोर्चा के पास तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।
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नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के वरिष्ठ सदस्य एवं इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि हरियाणा के बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स की हड़ताल के समर्थन में 11 अगस्त को देशभर में एकजुटता प्रदर्शन किए जाएंगे। अगर निगम प्रबंधन ने कोई दमनात्मक कार्यवाही की तो देशभर मे तीखा विरोध किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा ने दिया समर्थन
संयुक्त किसान मोर्चा के लगभग सभी घटकों के नेताओं ने प्रदर्शनों में शामिल होकर 15 अगस्त से कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए अलग से एग्री डिस्कॉम बनाने का कड़ा विरोध किया है। उनका दावा है कि एग्री डिस्कॉम अलग करने से अन्य डिस्कॉम से मिलने वाली क्रास सब्सिडी खत्म हो जाएगी।
इससे वर्तमान व्यवस्था ठप हो जाएगी और बिजली की दरों में बढ़ोतरी होगी। एग्री डिस्कॉम 5427 करोड़ की देनदारियों से शुरू हो रहा है, जिस कारण इसका भविष्य ही अंधकार में है। किसानों ने अलग से महापंचायत करके भी एग्री डिस्कॉम, स्मार्ट मीटरिंग और पैरेलल लाइसेंस का डटकर विरोध करने की घोषणा की है।