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बदलते मौसम के साथ स्वाइन फ्लू का खतरा, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी पर करें अमल

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:12 PM (IST)

पंचकूला में बदलते मौसम के साथ स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है, जिसके लक्षणों में बुखार और सांस लेने ...और पढ़ें

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी। (सांकेतिक फोटो)

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत।

  2. उपायुक्त सतपाल शर्मा ने स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की।

  3. हाथ धोना, भीड़ से बचना बचाव के मुख्य उपाय।


जागरण संवाददाता, पंचकूला। बदलते मौसम के साथ स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। बुखार, खांसी, गले में खराश, बहती या बंद नाक और सांस लेने में तकलीफ स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

इसके अलावा बदन दर्द, सिरदर्द, थकान, ठिठुरन, अतिसार, उल्टी तथा बलगम में खून आना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए उपायुक्त सतपाल शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी की है।

जिलावासियों से अपील की है कि वे स्वयं और अपने परिवार को स्वाइन फ्लू (एच1एन1) से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और स्वास्थ्य विभाग पंचकूला द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना करें।

उन्होंने कहा कि छींकते या खांसते समय मुंह और नाक को रूमाल अथवा कपड़े से अवश्य ढकें। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं तथा नाक, आंख और मुंह को छूने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से कम से कम एक हाथ की दूरी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पौष्टिक आहार लें और पूरी नींद लें। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हाथ मिलाने, गले मिलने अथवा शारीरिक संपर्क वाले अन्य अभिवादन से बचें।

सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें और चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें। उपायुक्त ने कहा कि इन सावधानियों का पालन करके स्वाइन फ्लू (एच1एन1) से स्वयं तथा अपने परिवार को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है।